केजरीवाल सरकार ने खुद खोली अपनी पोल, ये काम करने में नाकाम साबित हुई

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक ऐसे राजनेता हैं जो सियासी गलियारों में खासा चर्चा में बने रहते हैं। अमूमन, बीजेपी पर हमलावर के रूप में जाने जाते हैं और उपराज्यपाल पर ये तोहमत लगाने में मसरूफ रहते हैं कि ये उनके कामों में हमेशा अंडगा लगाते रहते हैं। जिससे दिल्ली की तमाम योजनाएं जो जनता के हित के लिए होती है वो सभी लालफीताशाही का शिकार हो जाती हैं। अब ऐसे सियासी फिजा के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने कार्यकाल के साढ़े चार का आउटकम रिपोर्ट पेश किया है। आइए एक मर्तबा इन रिपोर्ट पर गौर फरमा लें। दिल्ली सरकार ने अपने आउटकम रिपोर्ट में कोमोबेश उन सभी योजनाओं का जिक्र किया है, जिसको उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किया। ये भी पढ़े :दिल्ली में ईद के दिन शाहरुख की वजह से हुआ इतना बड़ा बवाल ;अब हुआ गिरफ्तार

मोहल्ला क्लिनिक
मोहल्ला क्लिनिक, दिल्ली में मौजूद सभी नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित हो। इसको ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार मोहल्ला क्लिनिक योजना लेकर आई थी। लेकिन, अगर आउटकम रिपोर्ट पर गोर फरमाएं तो हमें मालूम पड़ेगा कि सरकार इस काम में फिसड्डी साबित हुई है। 2018-19 में दिल्ली सरकार ने 530 मोहल्ला क्लिनिक बनाने की योजना बनाई थी। लेकिन, सरकार महज 191 क्लिनिक ही बनाने में कामयाब हो पाई है। सरकार का कहना है कि उपराज्यपाल के साथ जारी तकरार का ही नतीजा रहा कि जिस गति के साथ क्लिनिक बनाने की योजना हमने निर्धारित की थी। उस गति के साथ योजना को धरातल पर नहीं उतारा गया।

वाई-फाई
ये अत्ति आत्मविश्वास का ही अंजाम रहा था कि वाई-फाई की योजना बाई-बाई हो गई। विपक्षी दल लगातार दिल्ली सरकार पर इस योजना को लेकर उस पर हमलावर बने रहे हैं। अब जब सरकार ने अपना आउटकम रिपोर्ट जारी किया है तो सरकार का कहना है कि हम 2020 तक पूरी दिल्ली में वाई-फाई लगवा कर रहेंगे। अभी इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए कवायद जारी है। वहीं, विपक्षी दलों का दिल्ली सरकार पर इस योजना को लेकर ये आरोप लगाती रही है कि दिल्ली की जनता को रिझाने के लिए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस तरह की घोषणा कर दी थी।

बसों में देरी हुई
हालांकि, दिल्ली सरकरा ई-बस को धरातल पर उतारने में कामयाब रही है कि लेकिन सरकार ने इस काम को तयशुदा समय तक पूरा करने में विफल रही है। इस बात की साक्षी खुद दिल्ली सरकार की आउटकम रिपोर्ट देती हुई नजर आ रही है।

शिक्षा
इसी बीच, अगर दिल्ली सरकार के सभी कामों में से शिक्षा की बात करें तो शिक्षा के क्षेत्र में अन्य क्षेत्र की तुलना में बेहतर काम किया है। मसलन, सरकारी स्कूल के बच्चों का रिजल्ट खुद इस बात का साक्षी रहा है। स्कूलों में क्लासरूम बढ़ाने की दिशा में सरकार ने काम किया है। पुस्तकालय बनाने की दिशा में सरकार ने काम किया है। लेकिन, इन तमाम पहलुओं को अगर ध्यान से देखे तो एक बात पटाक्षेप तो यहां पर साफतौर पर होता हुआ दिख रहा है कि जिस गति के साथ सरकार ने दिल्ली की जनता से काम करने का वादा किया था। उस गति से काम नहीं हो पाया है। इस बात की साक्षी दिल्ली सरकार की आउटकम रिपोर्ट खुद रही है। ये भी पढ़े :दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले फॉर्म में आई बीजेपी, मनोज तिवारी ने किया इतनी सीटों का दावा

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