JNU का छात्र ISIS में शामिल? जानिए इस खबर का पूरा सच

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दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से एक छात्र नजीब अहमद 2016 से लापता है।  जिसका पता अब तक नहीं पाया है। अब सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसे जेएनयू के लापता छात्र नजीब की बताई जा रही है। तस्वीर को पोस्ट कर ये दावा किया गया है कि ये तस्वीर  जेएनयू छात्र नजीब अहमद की है। और उसने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट जॉइन कर लिया है।

 फेसबुक पेज पर राजू सोलंकी नामक युवक ने 18 मार्च को एक पोस्ट किया जिसमें ये लिखा कि “नजबी? 15 अक्टूबर 2016 को JNU से लापता नजीब अहमद किसे याद नहीं। उसकी मां ने कितना हंगामा किया था। गुमशुदगी के लिए ABVP, भारत सरकार, दिल्ली पुलिस और सीधे प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहराया गया। केजरीवाल ने नजीब के समर्थन में धरना दिया। कैंडल मार्च निकाला जिसमें राहुल गांधी शामिल हुए। पूरा JNU वामपंथी संगठन सड़कों पर उतर गए थे और मामला CBI को सौंपना पड़ा। लेकिन अब चौंकाने वाली तस्वीर आई है। वही नजीब अहमद अब ISIS का आतंकवादी बन चुका है”।

इस तस्वीर को ठीक एक से कैप्शन के साथ फेसबुक के अलावा ट्विटर पर भी शेयर किया जा रहा है। जिस तस्वीर को नजीब की बताया जा रहा है वो 2015 की है। जब इराक में शिया लड़ाकों ने ISIS के चंगुल से तिकरित को आजाद कराने के लिए लड़ाई छेड़ी थी। इतना ही नहीं, यह तस्वीर इसी दावे के साथ पिछले साल भी वायरल हो चुकी है।

पोस्ट के साथ जिस तस्वीर को शेयर किया जा रहा है उसे क्रॉप कर के गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर रिजल्ट्स में हमें International Business Times का एक आर्टिकल मिला। 30 दिसंबर 2015 को पब्लिश हुए इस आर्टिकल का शीर्षक The battle to regain control of Tikrit from Isis rages on था।

पड़ताल में ये भी सामने आया है कि ये फोटो के साथ लिखे कैप्शन के मुताबिक शिया लड़ाकों की इस तस्वीर को तल सैबा शहर में फटॉग्रफर ताहिर अल-सुडानी ने क्लिक किया है वही इस कैप्शन के मुताबिक ही यह 7 मार्च, 2015 को खींची गई है जबकि जेएनयू छात्र नजीब अहमद 15 अक्टूबर 2016 से लापता है।

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