भाषण देते देते रो पड़ीं जयाप्रदा..कहा ‘मजबूरी में छोड़ा रामपुर, अब मैं वो जयाप्रदा नहीं रही’

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पांच-पांच सियासी दलों का जायका चखने वाली रामपुर से भाजपा की प्रत्याशी जयाप्रदा ने जब अपने दर्द की इबारत को बयां किया तो वे भावुक हो गईं। इस बीच उन्होंने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की तो वहीं अपने पुराने सियासी साथियों को लताड़ा। इसके साथ ही उन्होंने अपने धुर-विरोधी व पुराने सियासी शत्रु आजम खान पर निशाना साधा। उन्होंने आजम पर तेजाब से हमला करने का आरोप लगाया। मालूम हो कि जयाप्रदा व आजम खान एक ही संसदीय सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। वहीं, इन सब बातों को जनसभा के समक्ष रूबरू कराते वक्त वे कई मर्तबा भावुक भी हो गईं। तभी उन्होंने अपने आपको संभालते हुए कहा कि मैं अब पहले वाली जयाप्रदा नहीं रही हूं। मैंने अपने सियासी जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मैंने अपने आपको बहुत मजबूत कर लिया है। अब मैं डरने वाली नहीं हूं।

उक्त बातों को उन्होंने रामपुर से नामांकन का पर्चा दाखिल करने के बाद कही, जब वे जनसभा से रूबरू हुईं थी, तब उन्होंने उपरोक्त बातों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि मुझे आप लोगों के आशीर्वाद की दरकार है। आपके आशीर्वाद से ही मैं इन लोगों के कुचक्रों को नेस्तनाबूद कर पाऊंगी।

मालूम हो कि जयाप्रदा सियासी दंगल की पुरानी खिलाड़ी रह चुकी हैं। वे सियासत में तकरीबन 25 सालों से हैं। अपनी सियासी जीवन का आगाज, उन्होंने 1994 में एनटीरामाराव की पार्टी तेलगू देशम से की थी। इस बीच वे पार्टी से दो बार राज्यसभा की सदस्य रह चुकी है। इसके बाद उन्होंने तेलगू देशम पार्टी से रवाना होकर सपा का दामन थामा। समाजवादी पार्टी से जया 2004 व 2009 का चुनाव जीतकर दो बार राज्यसभा सांसद बनी थी। 2010 में उन्हें सपा से निकाल दिया गया। 2011 में वे अमर सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकमंच में शामिल हुईं। इसके बाद वे आरएलडी में शामिल हुईं। अब वे बीजेपी से रामपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ रही हैं।

रामपुर सीट से इस बार का सियासी मुकाबला काफी दिलचस्प होने जा रहा है, क्योंकि दोनों ही सियासत के पुराने खिलाड़ी रह चुके हैं। दोनों ही एक-दूसरे के धुर-विरोधी हैं। एक ही सीट से दोनों चुनाव लड़े रहे हैं। ऐसे में ये मुकाबला अधिक दिलचस्प नजारा पेश कर रहा है। सियासत का आलम बड़ा ही गतिशील होता है। पल में कौन किसका दोस्त बन जाए और कौन किसका दुश्मन, कहना मुश्किल है। पहले जब जयाप्रदा सपा में थी, तब वे सपा के गुणगान करती थी और आज जब वे सपा से रुखसत होकर बीजेपी में शामिल हुईं, तब वे पीएम मोदी की गुणगान गा रही हैं।

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