गजब हो गया! जब रात के समय प्रेमी अपने प्रेमिका से मिलने पहुंचा तो गांववालों ने उसकी जबरन शादी करवा दी

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पुरानी कहावत है! जब प्यार क्या तो डरना क्या? जी हां…ये कहावत उस वक्त बिल्कुल शब्दों से दृश्यों में तब्दील होती हुई नजर आई, जब बिहार के मोतीहारी जिले में एक प्रेेमी युगल की जबरदस्ती शादी करवा दी गई। पहली नजर में ही ये मामला बड़ा ही दिलचस्प नजर आ रहा है कि आखिर जिस काम के लिए दुनिया के हर एक प्रेमी युगल को जितनी जद्दोजहद करनी पड़तीं है। इसे हम इस प्रेमी युगल की खुशकिश्मती ही कहेंगे कि इन्हें इतनी जद्दोजहद नहीं करनी पड़ी। ये भी पढ़े :ट्रेन के नीचे प्रेमी युगल कर रहे थे गुफ्तगू, तो रेल मंत्रालय ने ट्वीट कर कही ऐसी बात

दरअसल, हुआ कुछ ऐसा ही। जैसा हर प्रेम प्रसंग में होता आया है। कई मर्तबा आपको ऐसे दृश्य बॉलीवुड की फिल्मों में बखूबी दिख जाते होंगे तो बस हर बार की तरह इस बार भी ये प्रेमी पूरी दुनिया से अपने आपको बचाते हुए राते के इन काले अंधेरे का सहारा लेकर अपनी प्रेमिका से गुफ्तगू करने जा रहा था। दोनों ही प्रेमी-प्रेमिका अपनी मंजिल के बिल्कुल चरम पर पहुंच चुके थें। इस दौरान हुआ वहीं, जिसका डर अमूमन हर प्रेमी-प्रेमिका को अपनी प्रेम कहानी को मुकम्मल करने के दौरान होता है। जी हां… हम बात कर रहे हैं, वहां रहने वाले आस-पड़ोस के लोगों की। इस घटना के परिपेक्ष्य की बात करे तो यहां गांव वालों ने इस प्रेमी युगल को पकड़ लिया।

इस प्रेम कहानी में भी इस प्रेमी युगल को भी उसी बात का डर सताने लगा। जैसा आमतौर पर हर प्रेमी युगल को सताता आया है, कि कहीं ये इन्हें मारेंगे तो नहीं। कहीं इन्हें जान से तो नहीं मार दिया जाएगा या फिर इन्हें हमेशा के लिए जुदा तो नहीं कर दिया जाएगा और एक प्रेमी युगल के लिए जुदाई का भय सबसे भयावह भय होता है, लेकिन इस प्रेमी कहानी में ऐसा नहीं हुआ, जैसा की हमें अमूमन अन्य प्रेम कथाओं में देखने या पढ़ने को मिलता है।

यहां तो गज़ब हो गया! जिसे ये प्रेमी अपना दुश्मन मान रहे थे। उन्होंने ही इनकी प्रेम कहानी को मुकम्मल करने में अहम किरदान निभाया। गांव में पंचायत बैठाई गई। वो भी पुलिस की मौजूदगी में। फिर जो फैसला किया गया, वो वाकई में काफी हैरान करने वाला था। पुलिस की मौजूदगी में ही गांव के पंच और सरपंच ने दोनों की शादी कराने का फैसला किया, इस फैसले को सुन एक पल के लिए तो उक्त प्रेमी युगल को लगा कि कहीं उनके साथ ये मजाक तो नहीं किया जा रहा ये कोई सपना तो नहीं है। मगर ये सपना कहां, ये तो एक हकीकत थी, लेकिन फैसला सुनाने से पहले लड़की की रज़ामंदी ली गई, जब उसने अपनी हामी दी तब जाकर पंच और सरपंच ने अपना फैसला सुनाया।

ये घटना उन सभी लोगों के लिए सीख छोड़ी जाती है जो प्राय: ऐसे प्रेमी युगल को मौत का फ़रमान सुनाना कहीं अधिक मुनासिब समझते हैं। ये घटना उन सभी लोगों के लिए एक सीख है, जो इसे अनैतिक मानकर ऐसे प्रेमी युगलों की जीवनलीला को ही समाप्त कर देते हैं। उम्मीद ये पूरी घटना उन सभी लोगों पर एक गहरा प्रभाव छोड़गी, जो उक्त में से किसी भी काम को करने में दिलचस्पी रखते हों। ये भी पढ़े :बस्ती में प्रेम करना हुआ गुनाह; लड़की के पिता और भाई ने की प्रेमी की हत्या

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