Thursday, February 9, 2023

बेनामी संपत्ति मामला: शाहरुख खान की बढ़ी मुश्किलें, IT विभाग ने दी फैसले को चुनौती

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बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की बेनामी संपत्ति मामले में मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। इस मामले के आरोप में किंग खान के खिलाफ कुछ वक्त पहले ही केस दर्ज किया गया था। उस वक्त सहायक प्राधिकरण ने जांच के बाद शाहरुख के खिलाफ आरोप खारिज कर दिए थे। लेकिन इस फैसले को चुनौती देते हुए आयकर विभाग इस मामले को अपने हाथों में लिया और जांच शुरु कर दी है। बेनामी संपत्ति का यह पूरा मामला शाहरुख खान के फॉर्म हाउस से जुड़ा हुआ है। शाहरुख पर आरोप है कि उन्होंने इस जमीन को खेती के उद्देश्य से खरीदा लेकिन बाद में फॉर्म हाउस बना दिया।

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने साल 2016 में बेनामी संपत्ति कानून के तहत पिछले साल शाहरुख खान के अलीबाग के बंगले को सीज किया था। लेकिन सहायक प्राधिकरण ने इनकम टैक्स के मामले को खारिज करते हुए शाहरुख को राहत दी थी। लेकिन इस मामले को इनकम टैक्स ने फिर चुनौती दी है और बेनामी अपिलेट ट्रिब्यूनल में जो हाल में PMLA प्राधिकरण में आईटी विभाग ने चुनौती दी। पिछले महीने इस पूरे मामले को चुनौती दी गई है।

बेनामी संपत्ति में जो बदलाव किए गए हैं उसके मुताबिक अगर कोई शख्स बेनामी संपत्ति मामले में दोषी पाया जाता है तो उसे 7 साल की सजा हो सकती है। यहां तक की उसी बेनामी संपत्ति की मार्केट वेल्यू के हिसाब से 25 फीसदी जुर्माना भी लग सकता है। जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के डिप्टी कमिश्नर 87 प्रॉपर्टी के बारे में जानना चाहते थे जिन पर कोस्टल रेगुलेशन कानून के उल्लंघन का आरोप है। इनमें से एक शाहरुख खान का फॉर्म हाउस भी है। महाराष्ट्र टेनेसी एंड एग्रीकल्चर लैंड्स एक्ट के तहत कृषि योग्य इन जमीनों को गैर-कृषि कार्य के लिए ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है।

शाहरुख खान ने यह जमीन खेती के लिए खरीदी थी लेकिन उन्होंने फॉर्म हाउस बना लिया था। साल 2018 में 15 करोड़ के इस बंगले सहित कई जमीनों को जब्त किया गया था। आयकर विभाग ने डेजा वु फाम्स्र प्राइवेट लिमिटेड को बेनामदार घोषित कर दिया। इसके साथ ही शाहरुख खान को फायदा लेने वाला बताया था। बाद में न्यायिक निर्णय प्राधिकरण ने इस केस को खारिज कर दिया था जिसमें शाहरुख खान और गौरी खान हिस्सेदार थे। वहीं इस पूरे मामले पर आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, विभाग के पास पर्याप्त आधार हैं जिससे यह पूरा लेनदेन बेनामी साबित होता है।

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