प्रेग्नेंसी के दौरान गलती से भी महिला को नहीं करना चाहिए ये काम..जानिए

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औरत के प्रेगनेंट होने के बाद काफी बातों का ध्यान रखना पड़ता है. कहने का मतलब यह है कि आसपास के लोग काफ़ी चौकन्नें हो जाते हैं. होना भी चाहिए. पर पाबंदियों की फेरिस्त काफी लंबी हो जाती है. प्रेगनेंट महिला को ये तरह- तरह के सुझाव दिए बताए जाते है. ये मत करो. वहां मत जाओ. ये मत खाओ. वगैरह-वगैरह. इस लिस्ट में शामिल बाते मिथक ज्यादा कुछ नहीं हैं. पर क्योंकि ये बातें पीढ़ियों से चली आ रही हैं, जिसकी वजह से औरतों की इन मान्यताओं में यकीन बन जाता है. हांलाकि, प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ चीज़ें ज़रूर हैं जो नज़रअंदाज करनी चाहिए.

सबसे पहला मन में यही सवाल उठता है कि क्या प्रेग्नेंसी के दौरान एक्सरे करवाना चाहिए?

डॉक्टरों के अनुसार, “प्रेग्नेंसी के दौरान एक्सरे को लेकर काफ़ी बातें होती रहती हैं. क्या ये औरतों के लिए सही है या नहीं? एक्सरे करते वक़्त अटेंडेंट भी आपसे पूछते हैं कि कहीं आप प्रेगनेंट तो नहीं?वो इसलिए क्योंकि एक्सरे के दौरान रेडिएशन होता है. आसान तरीक से समझे तो उसमें से रेज़ निकलती हैं. अगर ये रेज़ काफ़ी हाई डोज़ में हैं, ख़ासतौर पर प्रेग्नेंसी की बिल्कुल शुरुआत में तो मिसकैरेज का ख़तरा बढ़ जाता है. पर वो समय निकलने के बाद ज़रूरी नहीं कि आपके बच्चे पर एक्सरे का कोई असर हो ही. प्रेंगनेट महिला के हाथ, पैर, या सीने का एक्सरे करवाते हैं तो रेडिएशन का आपके बच्चे पर कोई नकारात्मक  असर नहीं पड़ेगा.

गर्भवती महिला का अगर आप पेट, उसके निचले हिस्से, पेडू, पीठ के निचले हिस्से, या किडनी का एक्सरे करवाती हैं तो आकांशा रहती हैं कि एक्सरे के दौरान निकलने वाली रेज़ पेट पल रहे बच्चे के लिए खातक साबित होता है. इसलिए एक्सरे करवाने से पहले हमेशा अटेंडेंट को इतल्ला कर दें.” क्या प्रेग्नेंसी के दौरान हवाई जहाज का सफर करना चाहिए? कहा जाता है की प्रेग्नेंसी के 35वें हफ़्ते तक आप हवाई यात्रा कर सकती हैं. पर उसके बाद इसपर कुछ डॉक्टर्स प्रेंगनेट महिला को हवाई यात्रा न करने की सलाह देते है.“अगर आपको डाईबीटीज़ या हाई ब्लड प्रेशर की बीमीरी से ग्रस्त है. तो हो सकता है डॉक्टर आपकों प्रेग्नेंसी के 29वें हफ़्ते के बाद से हवाई यात्रा करना मना कर दे. काफ़ी एयरलाइन्स भी औरतों को 32वें हफ़्ते के बाद हवाई यात्रा करने से मना करती हैं. इसलिए क्योंकि काफ़ी ऊंचाई पर ऑक्सीजन का दबाव रहता है. कुछ केसेज़ में, ख़ासतौर पर अगर आपको डाईबीटीज़ या हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है तो मिसकैरेज का ख़तरा रहता है.”

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