sonia atal bihari bajpeyi

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में बड़ा रुतबा रखने वाली कांग्रेस की नेशनल चेयरपर्सन सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) करीब 30 सालों से राजनीति में सक्रिय हैं। सोनिया गांधी का अन्य राजनीतिक दलों से भले ही वैचारिक मतभेद हो फिर भी वह अपने विरोधियों से बहुत ही गर्मजोशी से मिलती हैं। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी (Atal Bihari Bajpai)  और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) भले ही प्रतिद्वंदी थे। इन दोनों के विचार भी अलग-अलग थे बावजूद इसके इस दोनों नेताओं के संबंध काफी अच्छे थे। यह दोनों ही एक-दूसरे के खूब सम्मान करते थे।sonia atal bihari bajpeyiगौरतलब है कि राजनीति के मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने कई बार अटल बिहारी बाजपेयी (Atal Bihari Bajpai) यी के लिए कड़े आलोचनात्मक शब्दों का इस्तेमाल किया था लेकिन जब बात राजनीति से हटकर होती है तो वह अटल बिहारी बाजपेयी (Atal Bihari Bajpai) का काफी सम्मान भी करती थीं। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री भी तमाम असहमतियों के बावजूद सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) का बेहद सम्मान करते थे।sonia atal bihari bajpeyiबताया जाता है कि 13 दिसंबर 2001 को जब संसद भवन पर आतंकी हमला हुआ था उस समय केंद्र में बीजेपी की सरकार थी और अटल बिहारी बाजपेयी (Atal Bihari Bajpai) प्रधानमंत्री थे जबकि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) नेता प्रतिपक्ष थी। हमले से ठीक पहले सदन की कार्रवाई स्थगित होने की वजह से सोनिया गांधी और अटल बिहारी बाजपेयी (Atal Bihari Bajpai) अपने आवास के लिए निकल चुके थे। वहीं लाल कृष्ण आडवाणी कई मंत्रियों और करीब 200 सांसदों के साथ लोकसभा के भीतर ही मौजूद थे तभी सदन पर आतंकियों ने हमला कर दिया था।sonia atal bihari bajpeyiसोनिया गांधी को इस आतंकी हमले का पता टीवी के जरिये उनके आवास पर पहुंचने के बाद चला। इस भयानक मंजर का पता चलते ही सोनिया गांधी ने सबसे पहले अटल बिहारी को फोन किया और उनका हाल चाल लिया। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने अटल बिहारी बाजपेयी (Atal Bihari Bajpai) को फोन कर पूछा- आप सुरक्षित तो हैं न। इस पर अटल बिहारी बाजपेयी (Atal Bihari Bajpai) ने उनसे कहा ‘मेरा छोड़िए, आप बताएं कि आप ठीक हैं या नहीं’ मालूम हो कि इस हमले में संसद भवन के गार्ड, दिल्ली पुलिस के जवान समेत कुल 9 लोग शहीद हुए थे।

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