मोदी सरकार ला रही है ये नई पॉलिसी, कबाड़ में जाएगी आपकी पुरानी गाड़ी

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देश में कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार एक और बड़ा फैसला लेने जा रही है, दरअसल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार पुरानी गाड़ियों को कबाड़ में भेजने की तैयारी कर रही है। इसके लिए मोदी सरकार बहुत जल्द नई नीति लागू कर सकती है। कहा जा रहा है कि इस नई पॉलिसी के लागू होने के बाद देशभर में जितनी भी पुरानी गाड़ियां मौजूद हैं, वह सब कबाड़ में भेजी जाएंगी। हालांकि इस नीति को लागू करने की बात तो कई सालों से चल रही थीं, कई दफा कैबिनेट में यह प्रस्ताव भी रखा गया, लेकिन विपक्ष के चलते यह मामला अटका ही रहा। बहरहाल इस मामले पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि यह नीति जल्द लागू होगी. इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने वाहनों की कबाड़ नीति का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, और सभी संबंधित पक्षों ने इस पर अपनी राय दे दी है।

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इससे पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया था कि सरकार पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने की नीति लाने के लिये तैयार है. इसके तहत बंदरगाहों के पास रीसाइकलिंग केंद्र बनाए जा सकते हैं। गडकरी के मुताबिक पांच साल के भीतर,

भारत सभी कारों, बसों और ट्रकों का नंबर एक विनिर्माण केंद्र होगा, जिसमें सभी ईंधन, इथेनॉल, मिथेनॉल, बायो-सीएनजी, एलएनजी, इलेक्ट्रिक के साथ-साथ हाइड्रोजन ईंधन सेल भी होंगे।

गडकरी के मुताबिक सरकार ने देश के बंदरगाहों की गहराई को 18 मीटर बढ़ाने का फैसला किया है. इसके साथ ही वाहनों को कबाड़ बनाने वाले रीसाइकलिंग प्लांट बंदरगाहों के पास लगाये जा सकते हैं। जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।

वहीं केंद्र सरकार का आत्मनिर्भर भारत अभियान भी तेज गति से आगे बढ़ेगा। सूत्रों के अनुसार सरकार इससे प्राप्त सामग्री ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए उपयोगी होगी क्योंकि यह कारों, बसों और ट्रकों की विनिर्माण की लागत को कम करेगी। जिससे लोगों पर बोझ भी नहीं पड़ेगा।

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