सड़क खुदाई के दौरान मिली रहस्यमय गुफा, जहां पर मिली अद्भुत शिवलिंग, लगातार टपकता है पानी

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कुछ लोगों का ऐसा तर्क है कि पौराणिक कथाएं महज मिथ्या भर नहीं बल्कि ये एक वास्तविकता, जो आज हमारे बीच शास्त्रों और ग्रंथों के रूप में मौजूद है। अभी इसकी एक बानगी हमें उत्तराखंड में उस समय देखने को मिली, जब सड़क कटिंग का काम चल रहा था। खुदाई के दौरान शिवलिंग मिली। हालांकि, ये कोई पहला मौका या फिर यूं कहें कि ऐसा कोई पहला मामला नहीं है, जब हमें इस तरह के मामले में प्रकाश में आते हुए नजर आए हैं। ये भी पढ़े :उत्तराखंड में पीएम मोदी की गर्जना, कहा ‘चार धामों के साथ यहां सैनिक धाम भी है’

फिलहाल, तो अभी हम उत्तराखंड में ही रहते हैं। बहरहाल, यहां पर खुदाई के दौरान एक ऐसी नायाब गुफा मिली, जिसमें एक ऐसा चमत्कारी शिवलिंग रखा हुआ था, जिसे देखकर एक पल के लिए वहां मौजूद मजदूर भी हैरत में पड़ गए। यहां पर हम आपको बताते चले कि ये शिवलिंग अपने आप में नायाब है। हम ऐसा भी कह सकते हैं कि ऐसे शिवलिंग विरले ही मिलते हैं। दरअसल, इस शिवलिंग से लगातार 24 घंटे पानी टपक रहा है।

वहीं, शिवलिंग के बगल में एक पत्थर जैसी आकृति भी बनी हुई है। लगातार पानी टपकने से शिवलिंग के बगल में फूलनूमा आकृति भी बन गई है। इसके साथ ही जैसे ही इस गुफा के बारे में लोगों को मालूम पड़ा तो यहां पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई। फिलहाल, यहां का माहौल अभी काफी भक्तिमय नजर आ रहा है।

इसके साथ ही आसपास के लोगों का शिवलिंग में आने का सिलसिला जारी है। यहां पर पूजा-अर्चना का सिलसिला भी बदस्तूर जारी है। पुरातत्व विभाग के लोग जल्द ही यहां पर पूजा-अर्चना करने जा रहे हैं। वहीं, बताया जा रहा है कि पास की पहाड़ी में भी एक एकाएक एक पत्थर निकल आया है।

दरअसल, सड़क कटिंग के दौरान इस नायाब गुफा का खुलासा हुआ। सड़क कटिंग के काम में लगे मजदूरों का कहना है कि पत्थर को जैसे ही काटा तो पीछे एक गुफा मौजूद था और उस गुफा में शिवलिंग था, जिस पर से लगातार पानी टपक रहा था।

वहीं, इस काम में लगे कुछ लोगों का कहना है कि शिवलिंग के बगल में बैलनूमा आकृति भी है। कुछ लोगों का कहना है कि गुफा टॉर्च से देखने पर पूरी ही गुफा झिलमिल रोशनी की तरह चमक रही है।

पुरातत्व विभाग के लोग जल्द ही इस गुफा का निरक्षण करेंगे। इसकी पूरी समीक्षा करेंगे। फिलहाल, अभी जो गुफा के आस-पास निर्माण कार्य चल रहा था, उसे रोक दिया गया है। जल्द ही पुरात्तव विभाग के लोगों को यहां का निरक्षण करने के लिए भेजा जाएगा। अगर ये पुरात्तव विभाग के लिए किसी लिहाज से महत्व रखता है तो इसके संरक्षण की दिशा की ओर कदम बढ़ाया जाएगा। ये भी पढ़े :इस शिवलिंग पर मुगल शासक ने लिखवा दिया था कलमा, उसके बाद जो हुआ वो खतरनाक था