2016 में हुई थी भारत और अमेरिका के बीच ये बड़ी डील, जानें अब क्यों घबरा रहा ड्रैगन

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एक तरफ जहां वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच लगातार तनाव की स्थिति बरकरार है तो वहीं दूसरी तरफ वार्ता का सिलसिला भी जारी है। मगर वार्ता की सेतु पर सवार होकर ड्रैगन दो रूखों पर सवारी कर रहा है। एक तरफ जहां ड्रैनग भारत के साथ वार्ता का खेल, खेल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सीमा पर तनाव को बढ़ाने की दिशा में लगातार उसकी कोशिश जारी है, मगर उसकी इन कोशिशों के बीच भारतीय सेना अब अपनी हर उस कोशिश को अंजाम तक पहुंचाने की जुगत में जुट चुकी है, जिससे कि ड्रैगन को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।

इसी कड़ी में गत रविवार को भारतीय जल सेना ने युद्धपोत आईएनएस तलवार ने उत्तरी अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के टैंकर यूएसएनएस युकोन के साथ एक रक्षा समझौते के प्रावधानों का उपयोग करते हुए ईंधन भरने का काम किया। इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा कि , ‘उत्तरी अरब सागर में मिशन आधारित तैनाती पर INS तलवार ने LEMOA के तहत US नेवी फ्लीट टैंकर USNS युकोन के साथ ईंधन भरने का काम किया। दोनों सेनाओं का ये कदम समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने की उपस्थिति को सक्षम बनाता है।’

लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट?
यहां पर हम आपको बताते चले कि दोनों देशों की सेनाओं ने अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) पर विगत 2016 को हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत दोनों ही देश एक दूसरे के सैन्य अड्डों सहित बंदरगाहों का इस्तेमाल कर सकते हैं। जिसके चलते दोनों ही देशों के बीच सैन्य स्थिति काफी मजबूत हुई है। भारत ने फ्रांस, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ ऐसे ही समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। गौरतलब है कि मौजूदा समय में भात और चीन के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है, लिहाजा इस स्थिति पर विराम लगाने के लिए वर्तमान में कोशिशों का सिलसिला भी जारी है। ये भी पढ़े :खुलासा! गलवान हिंसा का जिम्मेदार ड्रैगन, चीनी राष्ट्रपति कराते हैं घुसपैठ