US: सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोड़ देश में किसानी करने लगा शख्स, जानें वजह

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अमूमन हर इंसान की इच्छा होती है कि वह पढ़ लिखकर विदेश जाए, और वहां अच्छी नौकरी प्राप्त कर परिवार का पालन पोषण करे। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें नौकरी में संतुष्टि नहीं मिलती, चाहे उन्हें लाख रुपए डॉलर ही क्यों न मिल रहे हों, वह नौकरी नहीं करते। ऐसा ही कुछ कर्नाटक के कलबुर्गी में रहने वाले सतीश कुमार के साथ भी हुआ। दरअसल सतीश कुमार ने कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई कर विदेश में नौकरी पा ली। करीब दो साल वह अमेरिका के लॉस एंजिलस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर तैनात रहे। सतीश बताते हैं कि यहां किसी चीज की सुविधा की कमी नहीं थी, अच्छा पैसा, रहन-सहन सब कुछ कंपनी का दिया हुआ था। लेकिन एक बात जो उन्हें खल रही थी, वह थी संतुष्टि।

जी हां, सतीश कुमार को इस काम में कोई दिलचस्पी ही नहीं लगी, उनका कहना है कि यहां कोई चैलेंजेस ही नहीं थे। एक ही काम को बार-बार कर बोरियत होने लगी थी। इसलिए उन्होंने यह नौकरी छोड़ वापस देश में आने का फैसला किया। अब वह देश के लिए किसानी करते हैं, सतीश ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोड़ ऑर्गेनिक फॉर्मिंग का रास्ता चुना। सतीश कहते हैं उन्हें इस काम में मन लगता है।

सतीश बताते हैं, बीते महीने मैंने 2 एकड़ जमीन में ऑर्गैनिक खेती की और 2.5 लाख का फसल बेचा. इस काम को करके सुकून मिल रहा है. मजा भी आता है. अब जिंदगी अच्छी लगती है।

सतीश ने खेतीबाड़ी की शुरुआत में कलबुर्गी से करीब 30-35 किलोमीटर दूर एक गांव में एक एकड़ खेत को 35 छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट कर अलग-अलग किस्म की सब्जियां उगाईं.

आमतौर पर एक एकड़ में परंपरागत खेती यानी गेहूं, धान, बाजरे से 50-60 हजार रुपये तक की सालाना कमाई हो जाती है।

वह बताते हैं, अमेरिका के साथ-साथ उन्होंने दुबई में भी कुछ महीने काम किया. यूएस में मेरी सैलरी एक लाख डॉलर सालाना थी, लेकिन मुझे खुशी नहीं मिलती थी. जो खुशी मुझे अब गांव में फसलों के बीच मिलती है।

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