अमेरिकी सांसद ने धारा 370 की तारीफ में कही ऐसी बात कि, विपक्षी दलों में मची खलबली

धारा 370 को लेकर हिन्दुस्तान की सियासत का पारा अभी-भी अपने परवान पर है। संसद के शीतकालीन सत्र में लगातार केंदीय गृह मंत्री अमित शाह धारा 370 के पक्ष में अपने तर्क रखने में मसरूफ हैं। गत बुधवार को भी उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद को ललकारते हुए कहा था कि ‘आप मेरे तर्कों को खंडित करके दिखाएं तो मैं मान जाऊंगा कि मेरे तर्कों में माद्दा नहीं है ये बेबुनायादी है’। इस दौरान शाह ने कुश्मीर के सुरत-ए-हाल को बयां करते हुए कहा, ‘जब कश्मीर में धारा 370 को निरस्त किया जा रहा था, तब कुछेक लोग कह रहे थे कि ‘कश्मीर में खून की नदियां बहने लगेगी’ लेकिन आम कश्मीरियों ने अब उनके इन आधारों को बेबुनियादी करार दे दिया। ये भी पढ़े :अब आपकी पांच लाख रूपए तक की रकम होगी सुरक्षित, अमित शाह ने दिए ये संकेत

वहीं, अब इसी बीच अमेरिकी सांसद पीट ओल्सन ने भी कश्मीर से धारा 370 के हटाए जाने की तारीफ की। ओल्सन ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा, ‘इस धारा के हटने से कश्मीर की जनता को बाकी जनता के सरीखेे सभी अधिकार मिलेंगे। धारा 370 एक अस्थायी प्रवाधान था। ये एक ऐसा प्रावधान था, जो जम्मू-कश्मीर के लोगों को शेष भारत से अलग करने का काम करता था। यहीं नहीं, इस धारा के कारण नागरिकता और स्वामित्व के नियम कायदे-कानून भी अलग थे।

इतना ही नहीं, धारा 370 को लेकर दिए अपने बयान में पीट ओल्सन ने पीएम मोदी की भी तारीफ की। ओल्सन ने कहा, ‘आज मैंने भारत और पीएम मोदी के साथ खड़े होने को लेकर सदन में बात की, क्योंकि वे इस क्षेत्र में शांति लाना चाहते हैं। वे लोकतंत्र का विस्तार करने और लोगों को एकजुट करने की दिशा में काम कर रहे हैं। अनुच्छेद 370 को भारतीय संसद में पारित करके निरस्त किया गया है और यकीन मानिए….ये कार्रवाई कश्मीर में शांति लाने की दिशा में ‘मील का पत्थर’ साबित होगा।

हालांकि, ये कोई पहली मर्तबा नहीं है कि जब किसी अमेरिकी सांसद ने भारत के इस कदम की तारीफ की है। बल्कि इससे पहले भी अमेरिका में भारतीय मूल की लेख सुनिंदा वशिष्ठ ने भी भारत सरकार के इस कदम की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि, ‘भारत कश्मीर के बिना अधूरा है और कश्मीर भारत के बिना अधूरा है’। उन्होंने कहा था कि भारत के इस कदम से कश्मीर में मानवाधिकारों की बहाली होगी। यहीं नहीं, इस कड़ी में सुनिंदा ने इस्लामिक तांडव का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया इस्लामिक आतंकियों का तांडव देख रही है। आज से तीन साल पहले ये आतंक का ताडंव जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यकों हिन्दुओं पर भी पड़ा था, तब अफसोस संपूर्ण वैश्विक समुदाय ने अपनी चुप्पी साधने मेें ही अपनी भलाई समझी थी।

यहां हम आपको बताते चले कि गत 5 अगस्त को जब मोदी सरकार ने भारतीय संसद में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 का खात्मा किया था, तब भारत में विपक्षी दलों ने एक सुर में इसका विरोध किया था। हालांकि, कुछेक विपक्षी दलों ने सरकार के इस कदम का समर्थन किया था। वहीं, विरोध की इस आंच का सिलसिला फिलहाल अभी भी जारी है। अब ऐसे में अमेरिकी सांसद का उक्त बयान खासा सुर्खियों में बना हुआ है।

Read Also : धारा 370 पर सलाहकार ‘फारुक खान’ ने दिया बयान; राज्य अब भारतीय संविधान के दायरे में

Read Also : मोदी का विरोधियों को खुला चैलेंज, कहा- ‘दम है तो धारा 370 लागू करने का करें वादा’

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

1,092,598FansLike
5,000FollowersFollow
5,023SubscribersSubscribe

Latest Articles