बाबरी मस्जिद विध्वंस: आज फैसले की घड़ी..किसी भी वक्त आ सकता है निर्णय..मुश्किल में ये नेता!  

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आज 28 वर्ष पुराने बाबरी मस्जिद विध्वंस प्रकरण को लेकर फैसला आ सकता है। फैसले की घड़ी अब बहुत नजदीक आ चुकी है। सीबीआई तकरीबन तीन दशकों से इस प्रकरण की जांच कर रही है। बस.. कुछ ही देर में इसे लेकर फैसला आ सकता है। फैसला क्या आता है? किसके खिलाफ कानून का शिकंजा कसा जाता है? यह तो फिलहाल कहना मुश्किल होगा। उधर, सुरेंद्र यादव इस मामले को लकेर फैसला सुनाने के लिए कोर्ट पहुंच चुके हैं। आरोपी चंपत राय और बजरंग दल के प्रकाश शर्मा कोर्ट पहुंच चुके हैं। सभी आरोपी कुल मिलाकर कोर्ट पहुंच चुके हैं। इस मामले की सुनवाई भी शुरू हो चुकी है।

 इन नेताओं का नाम सुर्खियों में 
बता दें कि जिन नेताओं का नाम  इस प्रकरण को लेकर सुर्खियों में छाया हुआ है और जिनके बारे में बताया जा रहा है कि इनकी मुश्किलें बढ़ सकती है। वे लालकृष्ण आडवाणी (LalKrishna Advani), मुरली मनोहर जोशी (Murli Manohar Joshi), उमा भारती (Uma Bharti) और राम विलास वेदांती (RamVilas Vedanti) शामिले हैं। इन सभी आरोपियों को अदालत में मौजूद रहने के लिए कहा गया है। लखनऊ की विशेष अदालत इस केस को लेकर 12 बजे तक फैसला सुना देगी।

सीबीआई ने बताया था सुनियोजित साजिश 
यहां पर हम आपको बताते चले कि सीबीआई ने अपनी जांच में इस मामले को लेकर एक सुनियोजित साजिश करार दिया था। 6 दिसंबर 1992 को इस मस्जिद को ढहा दिया गया था, जिसमें आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, बाला साहेब ठाकरे, राम विलास वेदांती और उमा भारती समेत 49 आरोपी बनाए गए थे। इस केस के 49 आरोपियों में से 32 आरोपी ही अब जीवित हैं।

1993 से चल रही जांच 
सीबीआई इस मामले की 1993 से ही जांच कर रही है। कुल मिलाकर आप कह सकते हैं कि यह मामला पिछले 26 सालों से लटका हुआ है। इस केस को लेकर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी 2017 में कहा था कि जब तक इस पूरे मामले का पटाक्षेप नहीं हो जाता है , तब तक इस मामले  को किसी दूसरे जज को ट्रांसफर न किया जाए। ये भी पढ़े :भूमि पूजन से कुछ घंटे पहले ही आग बबूला हुए ओवैसी, कहा- राम की जगह बाबरी मस्जिद थी, है और..