Corona Virus

जब से कोरोना वायरस(Corona Virus) ने पूरी दुनियां में दस्तक दी है, सबके मन में इसके प्रति एक अलग सा भय बन जाता है कि इंसान वायरस से जुड़ा कुछ भी सुनता है, तो इसी तरह की चीज के दृश्य उसके जहन में आने लगता है, जिससे उसे खतरा हो सकता है। अब वैज्ञानिकों(Scientists) ने इसके लिए एक ऐसे वायरस का निर्माण किया है, जिसके जरिए कोरोना की भांति खतरनाक वायरस के बारे में ब्लूटूथ के माध्यम से काफी तेजी से लोगों सतर्क कर सकता है। इस अलग तरह के वायरस को वैज्ञानिकों ने Safe Blues का नाम दिया है और इस बात का भी दावा है कि बेहद सावधानी के साथ यह  Safe Blues कोरोना ट्रैकिंग(Corona Tracking) का काम कर सकता है।

इसे भी पढ़ें-Batla House Encounter : आरिज को फांसी, 12 साल बाद शहीद को मिला इंसाफ

ये है वर्चुअल वायरस

corona virus

आपकों बता दें कि ये एक वर्चुअल वायरस है और इससे आपके साथ साथ आपके स्मार्टफोन को किसी भी तरह का कोई खतरा या दिक्कत नहीं है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड(University of Queensland of America), मेलबर्न विश्वविद्यालय(University of Melbourne) और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(Massachusetts Institute of Technology) (एमआईटी) के वैज्ञानिकों मिलजुल कर इस नए वायरस का निर्माण किया है। इस वायरस को तैयार करने वाले शोधकर्ताओं ने बताया कि जब वायरस का ट्रांसमिशन होता है, तो इस दौरान किसी भी यूजर्स का डाटा रिकॉर्ड नहीं होता है और ना ही किसी प्रकार का सर्वर पर कोई डाटा सरंक्षित होता है।

सटीकता के साथ ये वायरस ये भी बताता है कि किसी जगह पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है या नहीं। इतना ही नहीं इसके अलावा ये वायरस भीड़, समारोह आदि को भी यह ऑटोमेटिक ट्रैक करने लगता है। ब्लूटूथ के माध्यम से ये वायरस काम करता है। बता दें कि इस वायरस का कोरोना महामारी के जरिए पूरी दुनिया में कॉन्टेक्ट ट्रैसिंग के लिए तैयार किए गए सिस्टम के आधार पर ही निर्माण किया गया है।

Corona virus vaccine

आपकों बता दें कि कोरोना के भयंकर दौर में भारत सरकार ने इस महामारी में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए आरोग्य सेतु एप को लॉन्च किया था,  अब इस ऐप का इस्तेमाल कोरोना वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन के लिए किया जाने लगा है। बतातें चलें कि आरोग्य सेतु एप को अभ तक करीबन 17 करोड़ से भी ज्यादा लोगों ने डाउनलोड कर लिया है और रेल से यात्रा करते समय इस ऐप फोन में होना जरूरी भी है।

इसे भी पढ़ें- कोरोना ले रहा विकराल रूप, महाराष्ट्र में बढ़ी सख्ती, पंजाब और मध्य प्रदेश में कोविड गाइडलाइन जारी