शाहीन बाग में पिस्टल लहराते हुए पहुंचा था ये शख्स, अब पुलिस के सामने देनी पड़ी सफाई

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पिछले 40 दिनों से सीएए कानून के खिलाफ शाहीन बाग में जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान गत मंगलवार को एक शख्स पिस्टल लहारते हुए मंच पर पहुंच गया था। इसके साथ ही उसने प्रदर्शन कर रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा था कि वे इस जगह को खाल कर दे, चूंकि उनके यहां रहने से अन्य लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, इस बीच उस शख्स ने मंच पर चढ़कर पिस्टल भी लहराई थी, जिससे प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच हड़कंप मच गया था। सभी लोग खौफजदा हो गए थे। एक पल के लिए सभी संशकित हो गए। ये भी पढे :सीएए कानून को लेकर केशव प्रसाद मौर्या का बड़ा बयान, कहा-हिंसा में था हाथ, अब लगेगा इनपर प्रतिबंध

अब इसी बीच खबर है कि पिस्टल लहराने वाले शख्स को लेकर एक बड़ा खुसाला हुआ है। उस शख्स की पहचान मोहम्मद लुकमान के रूप में हुई है। इस क्रम में उसे पुलिस ने पूछताछ के लिए तलब किया। इस दौरान पुलिस के समक्ष उसने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा, ‘मैं शाहीन बाग के धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों से बात करने गया था कि वे अपना प्रदर्शन खत्म कर दें, चूंकि इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच लुकमान ने अपने पिस्टल रखने पर कहा कि मैं हमेशा से अपने साथ पिस्टल रखता हुआ आया हूं। उसे वहां किसी ने देख लिया और मंच पर हंगामा मचा दिया। मुझे नहीं पता कि वो कौन था।

यहां पर हम आपको बताते चले कि गत मंगलवार को उक्त मामले को संज्ञान में लेते हुए लुकमान को पुलिस ने बुधवार को पूछताछ के लिए समन किया था। उससे मंगलवार को हुए वाकये को लेकर पुलिस ने पूछताछ की। इस दौरान लुकमान ने यह भी कहा कि वे पिछले 30 सालों से शाहीन बाग में रह रहा है। यहां पर पिछले 40 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन के चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है।

वहीं, शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिस्टल लहराने वाला शख्स कोई आम आदमी नहीं अपितु एक राजनीतिक पार्टी से ताल्लुक रखने वाला शख्स है। यह शख्स मंच पर चढ़कर हमें मारने की धमकी दे रहा था। वहीं, मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारी शकील का कहना है कि  आरोपी एक बिल्डर का पुत्र है, जिसे एक नेता का भी समर्थन प्राप्त है।

इसी बीच लुकमान का पिस्टल लहराने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिस पर लोग तरह से तरह अपने प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले 40 दिनों से शाहीन बाग में सीएए कानून के खिलाफ प्रदर्शनकारी धरने पर बैठे हुए है। उनका तर्क है कि ये कानून संविधान के मूल सिद्धांत व आत्मा के खिलाफ है। ये भी पढ़े :CAA कानून: बंगाल में विरोध प्रदर्शन में 2 लोगों की मौत, 5 हुए घायल, जानें क्या है हालात

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