अच्छी खबरः भारत के इस गांव में नहीं है कोरोना, खुद लोगों ने बताई इसकी वजह

क्या शहर, क्या गांव हर जगह इस वक्त कोरोना का कहर देखने को मिल रहा है. जो गलियां कभी हंसी-ठिठोलियों से गूंजा करती थीं अब वह शांत हो गई हैं. लोगों के मन में डर है अपनी सांसों के उखड़ने का. हर तरफ दहशत का माहौल बना हुआ है और न जाने कितने लोगों की जान इस कोरोना महामारी में चली गई. देश के लगभग सभी क्षेत्रों में कोरोना का प्रकोप जारी है मगर इस बीच हम आपको बताएंगे एक अच्छी खबर जो आपको मुश्किल घड़ी में राहत देगी.

जहां नहीं आया है कोरोना
देश का एक ऐसा गांव है जहां अब तक कोरोना नहीं आया है और इसकी वजह भी लोगों द्वारा बताई गई है. वैसे तो आजमगढ़ जिले में कोरोना के कारण कई लोगों की जान चली गई मगर इस जिले का एक गांव ऐसा है जहां के लोग कोरोना संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित हैं. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि यहां के लोगों ने महामारी को हल्के में नहीं लिया और बाहरी लोगों के संपर्क में नहीं आए. इसके साथ ही लोगों ने अपने गांव में उगाई गई सब्जियों व मछलियों का ही सेवन किया.

सेमरी गांव
जिस गांव के बारे में हम आपको बता रहे हैं वो आजमगढ़ जनपद के उत्तरी छोर पर बहने वाली घाघरा नदी के उस पार गोरखपुर बॉर्डर से सटा हुआ है जिसका नाम है सेमरी गांव. यहां करीब एक हजार लोगों की आबादी रहती है और विकास का दूर-दूर तक इस गांव से रिश्ता नहीं है.azamgarh semri village भले ही विकास के नाम पर इस गांव का नाम जिले के सबसे आखिरी नबंर पर आता है मगर कोरोना से जारी जंग में यह गांव सबसे पहले स्थान पर है. क्योंकि यहां के लोग प्रकृति से जुड़े हैं और बाहरी लोगों के साथ कम से कम संपर्क में आते हैं.

जब से देश में कोरोनावायरस ने पैर पसारे हैं तभी से यहां के लोगों ने गांव से बाहर निकलना बंद कर दिया. पेट पालने के लिए गांव में उगाई जा रही सब्जियों का ही सेवन कर रहे हैं और रोजगार के लिए भी निकलना बंद कर दिया. जिसका नतीजा ये हुआ कि लोग सुरक्षित हैं. इस बारे में निवर्तमान ग्राम प्रधान ने कहा कि, गांव के लोग जानते हैं कि बीमारी से बचने का एकमात्र रास्ता घर में रहना है और जब कोई व्यक्ति जरूरी सामान निकलने के लिए बाहर जाता है तो वो सिर्फ अपना नहीं बल्कि कई और परिवारों का भी सामान लाता है. जिससे लोगों को बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ती.
जो व्यक्ति जरूरी सामान लेने बाहर जाता है वो लौटने के बाद कोरोना गाइडलाइन का पालन करता है. इसके बाद ही गांव व घरों में घुसता है. ग्राम प्रधान का कहना है कि, खेत की ताजी सब्जी, चावल, गेहूं, घाघरी नदी की मछलियों के सेवन से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है और वह कोरोना को हराने में कामयाब हो रहे हैं. सेमरी गांव से जुड़ी यह अच्छी खबर इस मुश्किल वक्त में हिम्मत भी देती है साथ ही ये बताती है कि, प्रकृति से जुड़ाव ही इस बीमारी से बचने का एकमात्र रास्ता है. प्रकृति को बचाने में अपना अहम योगदान दें और सुरक्षित रहें.

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