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एनएसए अजीत डोभाल का करिश्मा, अब पाकिस्तान आया रास्ते पर…

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दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के रिश्तों की तल्खी में अब कुछ नरमी आने लगी है। दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल्स ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस के बीच हॉटलाइन पर हुई वार्ता के बाद गुरुवार को जारी साझा बयान में एलओसी पर अमन-चैन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गयी है। भारत और पाकिस्तान सभी संधियों, समझौतों और संघर्ष विराम के नियमों का पालन करने पर सहमत हुए है। ताजा समझौते की पृष्ठभूमि एनएसए अजीत डोभाल के नेतृत्व में पर्दे के पीछे पाकिस्तान के साथ महीनों से चल रही बातचीत के दौरान लिखी गई। एनएसए डोभाल और उनके पाकिस्तानी समकक्ष मोइद डब्लू यूसुफ कई महीनें से एक दूसरे के सम्पर्क में थे। इस दौरान दोनों के बीच तीसरे देश में सीधी मुलाकात भी हुई थी। बताया जा रहा है कि डोभाल और यूसुफ लगातार संपर्क में थे। दोनों के बीच कभी सीधी तो कभी मध्यस्थों के माध्यम से बातचीत होती रही है। भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही बैक-चैनल की वार्ता को तरह गुप्त रखा गया। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कुछ बेहद चुनिंदा लोगों को ही इसकी जानकारी दी गयी थी।

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नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी एक साझा बयान में कहा गया कि दोनों ही देशों के डीजीएमओ के बीच बातचीत में सभी संधियों, समझौतों और संघर्ष विराम के नियमों का पालन करने पर सहमति बनी। यह सहमति 24-25 फरवरी की मध्य रात्रि से लागू हो गई। दोनों देशों के बीच कोई गलतफहमी होती है तो पहले से मौजूद हॉटलाइन सम्पर्क और बॉर्डर फ्लैग मीटिंग्स से समाधान किया जाएगा। माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में दोनों देश रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में कुछ और निर्णायक कदम उठा सकते हैं।

दोनों देशों के बीच बैक चैनल से बातचीत की पहला संकेत इसी महीने मिला, जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने अमन का राग अलापा।  बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद से ही भारत के खिलाफ बाजवा तीखी बयानबाजी करते रहे थे और अमन का उनका राग चैंकाने वाला था। 2 फरवरी को जनरल बाजवा ने कहा था कि यही समय है कि सभी क्षेत्रों में अमन का हाथ बढ़ाया जाए। बाजवा का अमन का राग, संघर्ष विराम उल्लंघनों में कमी और कश्मीर पर पाकिस्तान के सुर में नरमी इस बात के संकेत दे रहे थे कि दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है।

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