पेड़ से लटका मिला बीजेपी कार्यकर्ता का शव, ‘जय श्रीराम बोलने पर मार डाला’

पश्चिम बंगाल में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बीजेपी और टीएमसी की लड़ाई में कई घर उजड़ गए। इतिहास गवह रहा है कि परिवार को राजनीति में भारी कीमत चुकानी पड़ती है। यही कुछ पश्चिम बंगाल में उन परिवारों को हाथ हुआ जिन्होंने बीजेपी बनाम टीएमसी की जंग में अपनों को खो दिया। लोकसभा चुनाव के दौरान शुरू हुई राजनीतिक हिंसा और षड्यंत्र ने पश्चिम बंगाल का स्वरूप बदल कर रख दिया है। बीजेपी बनाम टीएमसी की लड़ाई हिंसा ने बंगाल को झुलसा कर रख दिया है। इस हिंसा में कई लोग मारे जा चुके है। हाल ही में    सोमवार को बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता के शव पेड़ से लटके मिले। बीजेपी कार्यकर्ता समातुल दोलुई के शव को हावड़ा के सरपोता गांव के लोगों ने खेतों में पेड़ से लटका हुआ पाया। बीजेपी नेताओं और दोलुई के परिवार ने इसका आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया है। हावड़ा (ग्रामीण) के बीजेपी अध्यक्ष अनुपम मलिक ने कहा, “दोलुई भाजपा का एक सक्रिय सदस्य था और लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी को उसने अपने बूथ से बढ़त दिलाई थी। अपने इलाके में ‘जय श्री राम’ की रैली निकालने के बाद से ही उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही थी। टीएमसी के असमाजिक तत्वों ने लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद उसके घर में तोड़-फोड़ की थी”। हावड़ा (ग्रामीण) के बीजेपी अध्यक्ष अनुपम मलिक ने आरोप लगाया कि दोलुई के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय कुछ बदमाश उसे छीनने की कोशिश कर रहे थे। जिसका कुछ गांवावलों ने विरोध किया और जिला प्रशासन से रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तैनाती करने के लिए कहा। इससे एक दिन पहले आरएसएस के वरिष्ठ नेता स्वदेश मन्ना भी अत्चाता गांव में पेड़ से लटके हुए मिले थे। मन्ना पिछले कुछ दिनों से जय श्री राम की रैलियां निकाल रहे थे। ये भी पढ़े- बीजेपी के गिरिराज ने दी ममता बनर्जी को चेतावनी..कहा-जनता निकालेगी श्राद्ध जुलूस

बता दें बंगाल में पश्चिम बंगाल में स्थिति को बिगड़ता देख केंद्र सरकार ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार को आगाह किया है। इधर, राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। वहीं बीजेपी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के विरोध में काला दिवस मना रही है। दूसरी ओर दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह ने विशेष बैठक की, जिसमें गृह सचिव राजीव गौबा, एनएसए अजीत डोभाल, आईबी प्रमुख और गृह मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा पर भी चर्चा हुई। वहीं दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी राज्यस्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। ये भी पढ़े-गृह मंत्रालय के सुझाव पर भड़के TMC नेता बोले- सत्ता हथियाने पर तुले हैं बीजेपी वाले

 

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