Monday, December 6, 2021

शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर अफगानस्तिान के लिए दिल्ली बैठक में बनी रणनीति, अजीत डोभाल ने कही ये बात

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दिल्ली। अफगानिस्तान में हथियार के बल पर तालिबान का कब्जा होने के साथ ही दुनिया के लिए संकट बढ़ गया है। अफगानिस्तान संकट को लेकर दुनिया के देश अब समाधान निकालने के पक्ष में पहल शुरू कर दिये हैं। दिल्ली में आठ देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक हुई जिसमें अफगानिस्तान के हालात को लेकर विचार-विमर्श हुआ। इस मीटिंग में यह तय करने पर जोर दिया गया है कि अफगानस्तिान कट्टरपंथ, उग्रवाद से मुक्त रहे एवं कभी वैश्विक आतंकवाद का स्रोत नहीं बन पाये। अफगान समाज में सभी वर्गों को भेदभाव रहित एवं एकसमान मानवीय मदद मिलने को लेकर भी सहमति बनी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अध्यक्षता में यहां हुई इस बहुपक्षीय बैठक में ईरान, रूस, कजाखस्तान, किर्गीज गणराज्य, ताजिकस्तिान, उज्बेकस्तिान तथा तुर्कमेनस्तिान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा सुरक्षा परिषद के सचिवों ने भाग लिया। भारत की पहल पर आयोजित इस बैठक में पाकस्तिान और चीन को भी निमंत्रण दिया गया था लेकिन उन्होंने इसमें भाग नहीं लिया। दोनों देशों के भाग नहीं लेने पर भी राजनीतिक समीकरण तलाशे जा रहे हैं।

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Ajit dobhal delhi meet

बैठक के दिल्ली घोषणा पत्र जारी किया गया। घोषणापत्र के अनुसार बैठक में अफगानस्तिान विशेष रूप से वहां की सुरक्षा स्थिति तथा उसके क्षेत्रीय एवं वैश्विक प्रभावों पर चर्चा की गई। सभी पक्षों ने उस देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, आतंकवाद के कारण उभरे खतरों, कट्टरवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के साथ-साथ अफगान जनता को मानवीय सहायता की जरूरत पर बल दिया। सभी देश अफगानिस्तान की मुद्दे पर एकमत नजर आये। बैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं स्थिर अफगानस्तिान के प्रति मजबूत समर्थन दोहराया। इसके साथ ही संप्रभुता, एकता एवं प्रादेशिक अखंडता का सम्मान करने और आंतरिक मामलों में दखल नहीं देने की बात कही। उन्होंने अफगानस्तिान की सुरक्षा स्थिति में गिरावट के कारण लोगों को होने वाली तकलीफों पर गहरी चिंता जताई। नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सभी ने एकजुटता दिखाई। इसके साथ ही इस मीटिंग में कुंदुज, कंधार एवं काबुल पर आतंकवादी हमलों की भर्त्सना, निंदा की गई।

टेरर फंडिंग पर रोक लगाने की सहमति

दिल्ली घोषणापत्र में इस बार पर जोर दिया गया कि अफगानस्तिान की धरती का आतंकवादियों को पनाह एवं प्रशिक्षण देने तथा आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने एवं धन मुहैया कराने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। घोषणापत्र में सभी पक्षों ने सभी प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा की। आतंकवाद से मुकाबला करने का संकल्प दोहराया। इसमें आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने एवं अन्य ढांचागत सहायता और कट्टरवाद को समाप्त करना शामिल है।

अलगाववाद को खत्म करने का जारी रहेगा प्रयास

सभी पक्षों ने कहा कि आतंकवाद को खत्म किया जाएगा। सभी पक्षों ने कहा कि यह सुनश्चिति किया जाएगा कि अफगानस्तिान वैश्विक आतंकवाद की सुरक्षित पनाहगाह नहीं बने। उन्होंने कट्टरवाद, उग्रवाद, अलगाववाद एवं तस्करी के खिलाफ सामूहिक सहयोग का आह्वान किया। दिल्ली घोषणापत्र के अनुसार अफगानस्तिान में एक वास्तविक रूप से खुली एवं समावेशी सरकार बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया। अफगानस्तिान की सरकार में सभी लोगों की इच्छाशक्ति तथा सभी वर्गों एवं जातीय राजनीतिक शक्तियों का प्रतिनिधत्वि हो।

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