Thursday, January 28, 2021
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क्या राहुल गांधी को फिर से बनना चाहिए कांग्रेस का अध्यक्ष? जानिए क्या कहना है पार्टी के नेताओं का.. 

135 साल पुरानी पार्टी कांग्रेस का सियाासी भविष्य अभी अनिश्चतता की नौका पर सवार है। कुछ भी निश्चित नहीं है। कल तक चप्पे-चप्पे पर जिस पार्टी का सियासी जायका लोगों की जुबां पर बना हुआ था। आज कहीं न कहीं मोदी और शाह की जुगलबंदी के आगे वह फीका पड़ गया है। अनेकों राज्यों सहित लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त ने कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व को संकट में लाकर खड़ा कर दिया है। लोकसभा चुनाव में मिली मात की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। इसका ऐलान उन्होंने नतीजों के कुछ ही देर बाद ही प्रेसवार्ता आोयजित कर किया था।

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हालांकि उस दौरान पार्टी के अनेकों नेताओं ने उन्हें समझाने की कोशिश की और उन्हें अपने पद पर बने रहने का सुझाव दिया, लेकिन पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद राहुल गांधी ने इस्तीफा देना ही गवारा समझा। उनके इस्तीफे के बाद पार्टी में शीर्ष नेतृत्व का संकट पैदा हो गया। पिछले काफी दिनों तक नेतृत्व के संकट से जूझ रहे पार्टी ने आखिरकार सोनिया गांंधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाने पर विचार किया। मगर यहां पर गौर करने वाली बात यह है कि जब राहुल गांधी ने पार्टी के अध्यक्ष का पद छोड़ा, तब से पार्टी के अनेकों वरिष्ठ व दिग्गज पुराने नेताओं के रूखसत का सिलसिला जारी है। जिससे पर अब लोगों का ध्याान जा रहा है और लगातार इस सवाल को जोर मिल रहा है कि यदि राहुल को पुन: पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई तो फिर पार्टी का क्या सियासी रूख रहेगा। पार्टी में मौजूद नेताओं की सियासी मनोदशा क्या रहेगी।

बताते चले कि राहुल गांधी के अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद  हरियाणा में अशोक तंवर, त्रिपुरा में प्रद्योत देब बर्मन और झारखंड में अजॉय कुमार जैसे राज्य इकाई प्रमुखों ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी। राजधानी दिल्ली इकाई के कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने तो लोकसभा चुनाव के पूर्व ही अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। कभी कांग्रेस के दिग्गज और राहुल गांधी के विश्वासपात्र नेता माने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 2020 के मार्च में सभी को हतप्रभ करते हुए बीजेपी में एंट्री मार ली।

इसक साथ ही मुंबई कांग्रेस के प्रमुख संजय निरूपम और मिलिंद देवड़ा ने अपने पद छोड़ दिए हैं। अब यहा गौर करने वाली बात यह है कि राहुल गांधी के पद छोड़ने के बाद अब तक इतनी संख्या में लोग पार्टी छोड़ रहे हैं। निरूपम का इस संदर्भ में कहना है कि यह महज एक संयोग नहीं अपितु इसके पीछे कोई रणनीति नजर आ रही है। बताया तो एसा भी जा रहा है कि राहुल गांधी के पद छोड़ने के बाद उनके द्वारा तैयारी की गई टीम को दरकिनार कर दिया गया था, जिसके बाद इन नेताओं ने ऐसा फैसला लिया।

इससे पहलेे 24 जून को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राहुल गांधी को फिर से पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने की बात कही थी। जिसके बाद से यह मांग अब जोर पकड़ने लगी है। कांग्रेस के पूर्व सांसद हुसैन दलवई और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सीवी चंद रेड्डी ने बुधवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह किया कि राहुल गांधी को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी जल्द सौंपी जाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दलवई ने कहा कि राहुल गांधी के इतर पार्टी में अभी ऐसा कोई भी नेता नहीे है, जो देश के मसलों को इतने प्रभावी ढंग से उठाता हो।

राहुल गांधी को फिर से बनना चाहिए कांग्रेस पार्टी का अघ्यक्ष?

Posted by UP Varta News on Friday, June 26, 2020

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