राम मंदिर भूमि पूजन के लिए पाकिस्तान से आई थी मिट्टी, इस दंपत्ति ने उठाया था बीड़ा

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अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। हाल ही में 5 अगस्त को हुए पीएम मोदी के नेतृत्व में भूमि पूजन के साथ राम मंदिर की नींव भी रखी गई थी। राम भक्तों को इस पल का कब से इंतजार था। करीब 500 साल चले इस विवाद में कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन अंत में मोदी सरकार ने इस मसले को गंभीरता से लेते हुए इसका समाधान किया। वहीं अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर राम भक्तों ने भी तैयारियां शूरू कर दी हैं। कोई सोना भेंट कर रहा है तो कोई पैसे दान कर रहा है। भक्तों का कहना है कि हम भी इस मंदिर के निर्माण का साक्षी बनना चाहते हैं इसलिए भक्त दिल खोल कर दान कर रहे हैं। बीते दिनों ही खबर आई थी कि अयोध्या में 1 क्विंटल सोना अब तक दान में आ चुका है, जिसका इस्तेमाल मंदिर निर्माण में किया जाएगा। वहीं भूमिपूजन के लिए लगभग 972 तीर्थों की मिट्टी और कई पवित्र नदियों का जल भी उपयोग में लाया गया है।

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बता दें कि अयोध्या में भूमि पूजन का होना इतना आसान नहीं था, चूंकि जब राम मंदिर के लिए शारदा पीठ की मिट्टी की जरूरत महसूस हुई तो भारत का एक दंपत्ति पाकिस्तान के मुज्ज़फराबाद में स्थित हिन्दू धर्म के पवित्र तीर्थ शारदा पीठ की मिट्टी लेकर अयोध्या पहुंचा था।

चेन्नई के मूल निवासी और वर्तमान में चीन में बस चुके वेंकटेश रमन और उनकी पत्नी को इस काम का दायित्व सौंपा गया था, क्योंकि वेंकटेश रमन व उनकी पत्नी इससे पहले तमिलनाडु के कांची मठ और कर्नाटक के श्रृंगेरी मठ के लिए शारदा पीठ की मिट्टी लेकर आए थे।

शारदा पीठ मंदिर करीब 5 हजार वर्ष पुराना माना जाता है. यह उरी से 75 किलोमीटर और श्रीनगर से करीब सौ किलोमीटर दूर पीओके में है और यह प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है. कश्मीरी पंडितों की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यही कारण है कि कश्मीरी पंडित और देश के हिंदू यहाँ पहुंचने के लिए लंबे समय से एक कॉरिडोर की मांग कर रहे हैं।

शारदा पीठ फाउंडेशन से जुड़े अंजना शर्मा ने बताया कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे में होने के कारण कोई भारतीय, पाक अधिकृत काश्मीर में नहीं जा सकता, इसलिए मिट्टी लाना अपनी जान से खेलने के बराबर था. लेकिन POK में वो लोग जा सकते हैं, जिनके पास चाइना का पासपोर्ट है, इसलिए हमने चीन की नागरिकता ले चुके वेंकटेश रमन से संपर्क किया गया तो वो मिट्टी लाने के लिए तैयार हो गए।

अंजना शर्मा ने बताया कि दिल्ली में वेंकटेश रमन ने शारदा पीठ की पवित्र मिट्टी और प्रसाद उन्हें सौंपा. इसके बाद शर्मा ने अयोध्या पहुंचकर शारदा पीठ की मिट्टी और प्रसाद राममंदिर तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा था। यह कार्य करना बहुत कठिन था लेकिन चेन्नई के वेंकटेश रमन और उनकी दंपत्ति ने यह कार्य आसानी से कर दिया।

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