27 जुलाई से बदल गए सामान बेचने और खरीदने के नियम, जरा सी लापरवाही का भरना पड़ेगा हर्जाना

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कोरोना वायरस (Corona Virus) की बढ़ती रफ्तार के बीच सरकार की ओर से नए नियमों का ऐलान किया गया है. इसके लिए मोदी सरकार (Modi Government) की ओर से दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. दरअसल 27 जुलाई से जारी किए गए ये नए नियम ई-कॉमर्स कंपनियों (E-commerce companies) पर लागू होंगे. ये कानून भी कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 (Consumer Protection Act, 2019) के तहत आता है. इसलिए ई-कॉमर्स कंपनियां (E-Commerce Companies) भी इसी कानून के दायरे में शामिल हो गई हैं. ऐसे में जाहिर सी बात ही कि अब ई-कॉमर्स कंपनियों को भी नए नियम का ईमानदारी से पालन करना करना पड़ेगा. नोटिफिकेशन (Notification) के मुताबिक इस नए नियम के आधार पर उपभोक्ताओं (Consumers) को पहले के मुकाबले अब ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे. इसके साथ ही जारी नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की माने तो अब इससे ई-कॉमर्स कंपनियों के सामान सेल करने और उसे खरीदने के कानून में भी बदलाव हो जाएगा.

गड़बड़ी करने पर ई-कॉमर्स कंपनियों पर कानून कसेगा शिकंजा
नए रूल्स के अनुसार यदि ऑनलाइन शॉपिंग (shopping online) के दौरान ग्राहकों से किसी प्रकार की धोखाधड़ी की जाती है तो ई-कॉमर्स कंपनियों पर कानून का शिकंजा कस जाएगा. खास बात तो ये है कि अब नए ई-कॉमर्स कानून के तहत ग्राहकों को भी कई अधिकार दिए गए हैं. जिसके मुताबिक अब सामान बेचने वाली कंपनियों को अपने कस्टमर को ये बताना जरूरी होगा कि वो जिस सामान को खरीद रहे हैं वो किस देश से बना है. ऐसे में ये बात स्पष्ट हो जाती है कि नए उपभोक्ता कानून के मुताबिक ई-कॉमर्स कंपनियों को अब ग्राहकों के भले के लिए सभी तरह की सावधानियां बरतनी पड़ेंगी. वो कंपनी चाहे अपने देश में रजिस्टर्ड हो या फिर किसी दूसरे देश में रजिस्टर्ड हो.

ध्यान देने वाली बात तो ये है कि इन नए नियम में जुर्माना भरने के साथ सजा देने के भी प्रावधान बनाए गए हैं. ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता सामान ऑर्डर करने के बाद उसे कैंसिल कर देता है तो ई-कॉमर्स कंपनियां उससे चार्ज वसूल नहीं कर सकती हैं. खास बात तो ये है कि यदि कंपनी ने ग्राहक को अच्छा सामान का लालच देकर घटिया सामान की डिलीवरी करवाई तो उसे दंड दिया जाएगा. इसके साथ ही रिफंड से लेकर एक्सचेंज, गारंटी-वारंटी समेत हर तरह की जानकारी ई-कॉमर्स कंपनियों के पोर्टल पर दी जाएगी. साथ ही ये बताना जरूरी होगा कि प्रोडक्ट कौन से देश में बनाया गया है. इतना ही नहीं गलत या फिर आकर्षक करने वाली प्राइस और हिडन चार्ज पर भी लगाम कसी जाएगी.

ई-कॉमर्स कंपनियों को इन नियमों का करना पड़ेगा पालन
1- कंपनी को सामानों और सेवाओं की कीमत के साथ ही लगाए जाने वाले सभी शुल्कों की भी जानकारी देनी होगी.

2- इसके ही प्रोडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट भी पोर्टल पर मेंशन करना पड़ेगा.

3- उत्पाद किस देश का है और कहां पर बनाया गया है इसकी जानकारी ग्राहक को देनी पड़ेगी.

4- ध्यान रहे कि ई-कॉमर्स कंपनियां गलत तरीके से फायदा नहीं उठा सकती हैं.

5- ख्याल रहे कि सेवाओं के दाम में यदि कोई गड़बडी हुई और ग्राहकों के साथ भेदभाव किया गया तो ये कानून और नियम के खिलाफ होगा.

6- इसके साथ ही कंपनियों को पेमेंट करने के तरीकों और उसकी सुरक्षा की गारंटी भी ग्राहक को देनी पड़ेगी.

7- बता दें कि ई-कॉमर्स कंपनियों को प्रोडक्ट संबंधित जानकारी जैसे पता, संपर्क नंबर भी देना जरूरी होगा.

8- इतना ही नहीं प्रोडक्ट की रेटिंग को लेकर पारदर्शिता और सोर्स भी बताना होगा.

9- आखिरी और अंतिम जानकारी ये है कि यदि ग्राहकों को प्रोडक्ट से जुड़ी कोई भी शिकायत करनी होगी तो उस शिकायत नंबर को भी ई-कॉमर्स कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराना होगा.

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