कर्ज लेने वालों की मुश्किलें होंगी कम, RBI करने जा रही है ये बड़ा ऐलान

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देशभर में कोरोना संकट के बीच अर्थव्यवस्था की रफ्तार में भी कमी आई है। इस बीच खबर है कि भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आम आदमी को राहत देने के लिए नई पहल की शुरूआत करने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार भारत सरकार कुछ ही दिनों में लोन रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम के लिए फाइनेंशियल पैरामीटर्स का ऐलान कर सकती है। इस बात की ज्यादा जानकारी देते हुए RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक निजी चैनल के इंटरव्यू में कहा कि सरकार वन-टाइम रिस्ट्रक्चरिंग के तहत बैंक लोन मोरेटोरियम की अवधि को 3 से 6 या 12 महीनों के लिए बढ़ा सकती है। बता दें कि लोन मोरेटोरियम का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी उठाया गया था, गुरुवार को कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से दिए गए लोन मोरेटोरियम को आगे बढ़ाने और ब्याज में छूट देने की याचिकाओं पर सुनवाई की थी। इस मामले में कोर्ट ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उसे कमजोर करने को लेकर फैसला नहीं लिया जा सकता। वहीं अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।

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दरअसल कोरोना महामारी के बीच उधार लेने वालों को रिपेमेंट में हो रही परेशानी को कम करने के लिए केंद्रीय बैंक ने लेंडर्स को अनुमति दिया था कि वो 3 महीने की EMI पर लोन मोरेटोरियम की सुविधा दें.

यह 1 मार्च से लेकर 31 मई 2020 के बीच बकाये ईएमआई के लिए था. लेकिन, इसे 3 महीने के लिए और बढ़ाकर 31 अगस्त 2020 कर दिया गया था।

सरकार और RBI की तरफ से दलील रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ब्याज पर छूट नहीं दे सकते हैं लेकिन भुगतान का दबाव कम कर देंगे।

मेहता ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है और अर्थव्यवस्था को कमजोर करने वाला कोई भी फैसला देशहित के खिलाफ होगा।

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वे मानते हैं कि जितने लोगों ने भी समस्या रखी है वे सही हैं. हर सेक्टर की स्थिति पर विचार जरूरी है. लेकिन बैंकिंग सेक्टर का भी ख्याल रखना होगा।

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