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दिल्ली। कोरोना के कहर से मौतों को मंजर हमेशा वीभत्स होता जा रहा है। राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह का गुरूवार को निधन हो गया है। अजित सिंह कोरोना संक्रमित होने के कारण गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे। इलाज के दौरान उन्होंने 86 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। अजीत सिंह की गिनती बड़े जाट नेताओं में होती थी। अजित सिंह और उनकी पोती 24 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अजीत सिंह चार-पांच दिन से वेंटिलेटर पर थे। गुरुवार की सुबह उनका निधन हो गया। अजित सिंह का जन्म 12 फरवरी 1939 को मेरठ में हुआ था। इनके निधन पर समाजवादी पार्टी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा है कि ‘राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह का निधन, अत्यंत दुखद! आपका यूं अचानक चले जाना किसानों के संघर्ष और भारतीय राजनीति में कभी ना भरने वाली जगह छोड़ गया है। शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना! दिवंगत आत्मा को शांति दे भगवान।

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यह है उनकी विरासत
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे चैधरी अजित सिंह राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। अजीत सिंह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत से 7 बार सांसद रह चुके हैं। वह मनमोहन सिंह की सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री तथा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि मंत्री भी रह चुके थे।

उनके बेटे जयंत चौधरी  है जो 15वीं लोकसभा में मथुरा से सांसद रह चुके हैं। अजित सिंह ने आईआईटी खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया था। इलिनॉइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से उन्होंने मास्टर की डिग्री हासिल की थी। ऐसा कहा जाता है कि 1960 के दशक में आईबीएम में काम करने वाले वह पहले भारतीय थे।

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