गहलोत कामकाज से पायलट नाराज! खत लिख याद दिलाया पार्टी का घोषणा पत्र

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राजस्थान में जैसे-तैसे सियासी संकट कम हुआ अब सचिन पायलट फिर से अपने काम में जुट गए हैं, दरअसल कांग्रेस से बगावत करने के बाद सचिन पायलट का मिजाज अब भी पहले जैसा ही है। वो जितने पहले अपने काम को लेकर सक्रिय थे उतने अब भी हैं। हाल ही में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक पत्र लिख जनता की शिकायतों से अवगत कराया है। पायलट ने पत्र में कहा, कि राज्य सरकार द्वारा निकाली गई भर्तियों में एमबीसी समाज को 5 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जा रहा है. इसके साथ ही देवनारायण बोर्ड और देवनारायण योजना के अन्तर्गत आने वाले कई विकास कार्य भी लगभग ठप्प पड़े हैं, जो बहुत ही पीड़ादायक हैं। सचिन पायलट ने इन पर शीघ्र कार्रवाई की जाने की मांग की है। पायलट ने कहा, प्रदेश के विभन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधि मंडलों ने मुझसे मिलकर अपनी बात को कहा है। इसके साथ ही लोगों ने ज्ञापन के जरिए सरकार से अनुरोध किया है कि इन समस्याओं पर विचार किया जाए।

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बता दें कि सचिन पायलट ने कांग्रेस से बगावत ही इसीलिए की थी कि उन्हें काम करने से रोका जाता था, पायलट ने एक इंटरव्यू में बयान देते हुए कहा था कि भले ही ‘मैं प्रदेश का उप-मुख्यमंत्री था लेकिन सीएम गहलोत के आगे किसी की नहीं चलती थी’। इसीलिए उन्होंने अपने सिद्धांत के लिए पार्टी से अलग होना ठीक समझा। हालांकि कांग्रेस आलाकमान ने सचिन पायलट को फिर से समझा बुझा कर पार्टी में वापसी करा ली। वहीं अब बात फिर से राजस्थान की जनता पर आकर अटक रही है। विकास कार्यों में दी गई ढ़ील से सचिन पायलट काफी नाराज हैं।

पायलट ने पत्र में ये भी लिखा है कि कांग्रेस पार्टी ने साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में एमबीसी समाज को 5 प्रतिशत आरक्षण देने का उल्लेख किया था। साथ ही पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2011 में ये समझौता भी हुआ था कि 4 प्रतिशत अतिरिक्त पद एसबीसी के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे। तो फिर इन वादों को पूरा क्यों नहीं किया गया?

सचिन पायलट ने अपने पत्र में जानकारी देते हुए बताया है कि पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018, रीट भर्ती – 2018, पंचायती राज एलडीसी भर्ती 2013, टेक्निकल हेल्पर भर्ती 2018, नर्सिंग भर्ती 2013 और 2018, जेल प्रहरी भर्ती 2018, आशा सुपरवाईजर भर्ती 2016, कमर्शियल असिस्टेंट भर्ती 2018, द्वितिय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2018 व अन्य भर्तियों में 5 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया गया हैं. इसकी जानकारी उन्हें विभिन्न प्रतिवेदनों के जरिए मिली है।

गहलोत सरकार के कामकाज से सचिन पायलट फिर से नाराज होते दिखाई पड़ रहे हैं, कहीं यही वजह कांग्रेस के लिए फिर से अंतर्कलह न बन जाए। इस बार तो पायलट ने पूरी तरह से गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।  अगर इसी तरह लोगों की शिकायतें उन्हें मिलती रहीं, तो फिर से गहलोत सरकार पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं।

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