‘हाथरस ही क्यों..राजस्थान क्यों नहीं’ रेप पीड़िता के सवालों से खौफ में कांग्रेस

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उत्तर प्रदेश के हाथरस की 19 वर्षीय बेटी के साथ हुई दरिंदगी को लेकर अब सियासत का सिलसित शुरू हो चला है। एक तरफ जहां प्रदेश सरकार विपक्ष पर इस मसले को लेकर राजनीति करने का आरोप लगा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ इस तरह के मामले को लेकर विपक्ष दल इसे सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उधर, बीते दिनों राहुल गांधी द्वारा हाथरस जाने के क्रम में सियासी ड्रामा भी देखने को मिला जिस पर अब कई तरह के सवाल  उठाए जा रहे हैं। अब इस बीच राजस्थान के बारां जिले की रेप पीड़िता ने राहुल गांधी से सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर आप हाथरस जाने के लिए तैयार हो जाते हैं, तो फिर आप राजस्थान क्यों नहीं आते हैं। मैं भी हाथरास के तरह ही एक बेटी हूं।

पुलिस कर रही लापरवाही 
उधर, रेप पीड़िता का कहना है कि बीते एक जुलाई को गांव के दो युवक उसे यह कहकर बाइक पर बैठा कर ले गए कि उसके पिता उसे खेत में बुला रहे हैं,  लेकिन वे दोनों ही युवक उसके पिता के पास ले जाने के बजाए श्योपुर ले गए और वहां पर चाकू की नौंक पर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता कैसे भी करके 7 अगस्त को उन हैवानों के चुंगल से बचकर आई और इस पूरे मामले की शिकायत सीसावसी पुलिस थाने में दर्ज करवाई।

पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई 
मगर, इस पूरे मामले को लेकर पी़ड़िता की शिकायत के बावजूद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई करना मुनासिब न समझा। पुलिस इस पूरे मामले को लेकर कितनी संजीदा हो सकती है। इसका अंदाजा आप महज इसी से लगा सकते हैं कि आरोपी आज भी खुले आम घूम रहे हैं। उन्हें न तो कानून का खौफ है और न प्रशासन का। पीड़िता कई मर्तबा इंसाफ के लिए पुलिस के दर पर गुहार लगा चुकी है। हर बार उसकी चित्कार को अनसुना कर दिया गया। इस पूरे मामले को अब 2 महीने से भी ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब इस पूरे मसले को लेकर पुलिस की निष्क्रयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब तो इन दरिंदों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि यह उस पीड़िता को धमकियां देने पर भी  उतारू हो चुके हैं। इन तरह की घटनाओं से आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि सूबे में बेटियों की आबरू कितनी महफूज है।