‘पंजाब में सुपरफाइट’ बाजवा बोले- सरकार बचानी है तो अमरिंदर और जाखड़ को किनारे करें आलाकमान

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राजस्थान सरकार में कांग्रेस की अंतर्कलह का नाटक अभी खत्म ही नहीं हुआ था कि पंजाब में भी सियासी समीकरण बिगड़ने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दूलो को कैबिनेट के अन्य मंत्रियों ने पार्टी से निष्कासित किए जाने की मांग की है। जिसके बाद बाजवा और दुलो ने सीएम अमरिंदर और कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बात यहां तक पहुंच गई है कि सरकार गिरने की नौबत आ सकती है। शुक्रवार को बाजवा ने कहा कि अगर राज्य में पार्टी को बचाना है तो अमरिंदर और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ को उनके पदों से हटाना होगा। नहीं तो यहां भी वही हाल हो सकता है, जो मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल में हुआ। उन्होंने कहा पार्टी आलाकमान को जल्द कोई निर्णय लेना होगा. अगर ऐसा नहीं होता है तो पंजाब में वही हाल हो सकता है जो सिद्धार्थ शंकर राय (पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री) के बाद पश्चिम बंगाल में हुआ था।

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दरअसल राज्यसभा के दोनों सदस्यों ने हालिया जहरीली शराब मामले को लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार की आलोचना की थी. उस हादसे में 113 लोगों की मौत हो गई थी. पार्टी की ओर से कार्रवाई की तैयारी के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाजवा ने कहा, ‘‘113 लोगों की जान चली गई. हमने लोगों की आवाज उठाई है. हम कांग्रेस और पंजाब की भलाई के लिए ऐसा कर रहे हैं. इस सरकार की बहुत बदनामी हो रही है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम नशे को खत्म करने के वादे के साथ सत्ता में आए थे. लेकिन अब तक क्या कार्रवाई की गई? इस बारे में हमने आलाकमान को भी अवगत कराया, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। बल्कि जनता की आवाज उठाने पर हम

लोगों को ही पार्टी से निष्कासित करने के बीज बोने लगे। बाजवा ने कहा, ‘अगर पार्टी मुझे और दुलो को बाहर करती है तो यह शरीर से दिल निकालने की तरह होगा.’ उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब में कांग्रेस को बचाने के लिए अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ को हटाया जाना चाहिए।

बहरहाल पंजाब कांग्रेस में भी राजस्थान की चिंगारी उठने लगी है, यहां सचिन पायलट ने सीएम गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है, तो वहां राज्यसभा सदस्य बाजवा सीएम अमरिंदर पर भारी हैं। अब देखना होगा पार्टी आलाकमान आगे क्या

कदम उठाती है। हालांकि बाजवा द्वारा दिए गए बयानों से एक बार फिर कांग्रेस की अंतर्कलह सार्वजनिक रूप से उभर कर आ चुकी है। यहां बीजेपी अपना प्लेइंग कार्ड खेल सकती है।

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