पीएम मोदी का मास्टर स्ट्रोक! पहले चीनियों की तोड़ी गर्दन, अब इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से किया कंगाल

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भारत सरकार एक के बाद एक चीन को बड़ा झटका दे रही है, और ऐसा करना इसलिए भी जायज़ है कि चीन ने पहले तो कोरोना जैसा वायरस तैयार कर तबाही का जाल बिछाया, और फिर भारत की सीमा पर डोरे डालने लगा. ऐसे में उसे चोट पहुंचाना तो जरूरी था. वो कहते हैं लातों के दुश्मन बातों से नहीं मानते वही हाल चीन का है. एक तरफ चीन पहले तो शांति का पाठ पढ़ाने लगा फिर मौका देखते ही सीमा पर जंग की तैयारी भी शुरू कर दी, हालांकि चीन के झांसे में भारत अब नहीं आने वाला है. अब उसकी बर्बादी का पूरा ब्लू प्रिंट केंद्र की मोदी सरकार ने तय कर लिया है. दरअसल मोदी सरकार ने चीन के मशहूर चायनीय ऐप्स को इंडिया में बैन कर दिया है. जिनकी संख्या 59 में है. जी हां, मोदी सरकार के इस फैसले को दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक माना जा रहा है. बता दें कि भारत में बैन किए गए ऐप्स में टिकटॉक, यूसी ब्राउसर, वी चैट, हैलो, ऐसे कई सारे ऐप्स बैन किए गए हैं जिनसे चीन मुनाफा कमाता था, हालांकि इनके बैन होने के बाद चीन को गहरा सदमा पहुंचा है.

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दरअसल चीन के इन ऐप्स को बैन करना इसलिए जरूरी था कि इनके जरिए भारतीय नागरिकों की सारी जानकारी चीन मॉनीटर कर रहा था. इस बात का जिक्र खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए किया था, पीएम ने कहा कि सरकार के पास विश्वसनीय सूचना है कि ये ऐप्स ऐसे गतिविधि में लगे हुए थे, जिससे हमारी संप्रभुता और अखंडता और रक्षा को खतरा था, इसलिए ऐसा कदम उठाना जरूरी था, यही नहीं सरकार ने संकेत दिए हैं कि चीन को हर तरफ से चोट पहुंचाने की कवायद जारी रहेगी. चूंकि चीन ने जिस प्रकार की कायराना हरकत की है उसके लिए यह एक बड़ा सबक है.

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अब ऐसे में सवाल यह है कि केंद्र सरकार के इस फैसले से चीन को कितना बड़ा झटका पहुंचा है?, तो सुनिए… सबसे पहले बात करतें हैं चीन द्वारा इन एप्लिकेशन की जिसके जरिए चीन यहां का डाटा अपने यहां एक्सप्लोर करता है. चीन इस डेटा का उपयोग दूसरे देशों में प्रोपोगेंडा फैलाने के लिए करता है.
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मालूम हो कि UC browser, TikTok, Huawei जैसी चीनी कंपनियां चीन को डेटा भेजती थीं, और चीन उस डेटा को अपने देश में इकट्ठा करता था. हालांकि सरकार के इस फैसले के बाद इस पर रोक लगेगी. चीनी कंपनियों पर समय-समय पर यूजर्स की निजता का उल्लंघन करने का आरोप लगता रहता है. डेटा को आज के समय का सबसे बड़ा हथियार माना जाता है. जिसका चीन फायदा उठाता है. बहरहाल भारत सरकार ने अपने एक कदम से data प्राप्त करने के सबसे बड़े जरिये को ही खत्म कर दिया है, जिसका चीन की प्रोपोगेंडावादी सरकार पर सबसे गहरा असर पड़ेगा.

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