Homeदेशजम्मू-कश्मीर के लिए पीएम मोदी का 3-D फॉर्मूला..डोभाल, डेमोक्रेसी और डेवलपमेंट

जम्मू-कश्मीर के लिए पीएम मोदी का 3-D फॉर्मूला..डोभाल, डेमोक्रेसी और डेवलपमेंट

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मोदी सरकार 2.0 ने जम्मू-कश्मीर के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करके उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है। कश्मीर के साथ-साथ लद्दाख को भी अब केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया है। जहां एक तरफ पूरे देश में धारा 370 हटाए जाने पर खुशी का माहौल है। तो दूसरी तरफ लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। हालांकि, इस बीच पीएम मोदी ने 8 अगस्त को देश को संबोधित भी किया। और कश्मीर को लेकर अपने उद्देश्य को दुनिया के सामने पेश किया। पीएम ने अपने संबोधन में थ्री-डी फॉर्मूला अपनाया। जिसका असर कुछ समय बाद ही घाटी में देखने को मिल जाएगा। पीएम ने संबोधन में घाटी के डेवलेपमेंट और डेमोक्रेसी की बात कही। और जो तीसरा डी है वो अजीत डोभाल जो इस वक्त कश्मीर दौरे पर हैं। जो पीएम मोदी के मिशन का सबसे अहम हिस्सा हैं।

डेमोक्रेसी
राष्ट्र के नाम पीएम मोदी ने करीब 40 मिनट का संबोधन दिया। इस बीच उनका फोकस लोकतंत्र पर रहा। हालांकि, कश्मीरी नेताओं ने मोदी के फैसले पर ऐतराज भी जताया। लेकिन पीएम ने कश्मीरियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि, वो अपना प्रतिनिधि खुद चुनेंगे। केंद्र शासित प्रदेश होने के बावजूद जम्मू-कश्मीर का अपना मुख्यमंत्री होगा, मंत्रियं के साथ विधायक भी होंगे। साथ ही उन्होंने ये भी वादा किया कि, वक्त आने पर कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा भी दिलाया जाएगा।

डेवलेपमेंट
कश्मीर का विकास, जो इस समय सबसे अहम मुद्दा है। इस पर भी पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बात की। वो बोले धारा 370 की वजह से कश्मीर में सरकार की नीतियां लागू नहीं हो पाती थी। जिस कारण घाटी के लोग सरकार की सारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते थे। पर अब केंद्र सरकार का कश्मीर में शासन रहेगा। इसलिए घाटी में विकास होगा। और विकास के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कश्मीरी युवाओं को जल्द से जल्द सारी सुविधाएं पहुंचाने का वादा भी किया।

डोभाल
मोदी सरकार के सबसे भरोसेमंद साथी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल। जो इस समय घाटी पर विशेष नजर बनाए हुए हैं। घाटी में किसी तरह की हिंसा न पनपे इसका ख्याल डोभाल बखूबी कर रहे हैं। वो धारा 370 हटाए जाने के बाद से कश्मीर में हैं। लोगों से मिल रहे हैं। उनके साथ खाना खा रहे हैं। साथ ही लोगों को भरोसा दिला रहे हैं, कि केंद्र सरकार ने जो फैसला लिया है वो कश्मीर के लोगों के हित में लिया गया है। इसलिए वो सरकार पर भरोसा रखें। वैसे तो अजीत डोभाल पर मोदी सरकार को पूरा भरोसा करती है। धारा 370 से पहले भी डोभाल ने घाटी का गुप्त दौरा किया था। और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कराई गई थी। ये भी पढ़ेंः- पीएम मोदी के 10 वादे, जो कश्मीर को फिर से बनाएंगे धरती का स्वर्ग

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