इन 5 फैसलों से बढ़ी पीएम मोदी की लोकप्रियता, इतिहास में पहले कभी नहीं ऐसा हुआ

298

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 70वां जन्मदिन पूरा देश मना रहा है, लोगों में उत्साह का माहौल बना हुआ है। वहीं नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पिछले छह साल से लगातार बढ़ती जा रही है। उसके पीछे पीएम मोदी की विचारधारा और भारतीय जनता पार्टी का दृण संकल्प है। सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। बता दें कि नरेंद्र मोदी कार्यकाल के पूरे छह वर्ष समाप्त होने के कगार पर हैं। आज हम पीएम मोदी के उन पांच फैसलों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता देश में ही नहीं विदेशों में भी बढ़ती चली गई। पीएम ने पिछले 6 सालों में कई योजनाओं को लागू कर लोगों को राहत पहुंचाई।

ये भी पढ़ें:-पीएम मोदी की इन 7 योजनाओं ने बदली आम जनता की जिंदगी, घर-घर तक होती है बात

भव्य राम मंदिर की नींव

सबसे बड़ी सौगात राम भक्तों को देते हुए पीएम मोदी ने भव्य राम मंदिर के शिलान्यास की नींव भी रखी। अर्षों से चला आ रहा राम मंदिर विवाद आखिरकार नरेंद्र मोदी कार्यकाल में सुलझ गया। कोर्ट कचहरी की कार्यवाई में उलझे भगवान राम को सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिल गया। इसे नरेंद्र मोदी कार्यकाल में सबसे बड़ी सौगात मानी जा रही है। पीएम मोदी ने 5 अगस्त को मंदिर में भूमि पूजन भी किया। वो दिन दूर नहीं जब अयोध्या राम की नगरी में एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा।

अनुच्छेद 370 में संशोधन

दूसरा कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए को समाप्त करना यह भी मोदी कार्यकाल की बड़ी योजनाओं में से एक है। 65 साल से जो कोई नहीं कर सका उसे पीएम मोदी ने आसानी से कर दिया। जम्मू-कश्मीर से ऑर्टिकल 370 को हटाना किसी चुनौती से कम नहीं था, हालांकि पीएम मोदी ने चुनौतियों को स्वीकारा और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित राज्यघोषित कर दिया। ऑर्टिकल 370 हटाने पर मोदी का ये फैसला सबसे ऐतिहासिक माना जाता है, इसलिए पीएम मोदी की लोकप्रियता देश में सबसे ज्यादा बढ़ी है।

गरीब सवर्णों के लिये 10% आरक्षण

देश की आरक्षण व्यवस्था में छेड़छाड़ करना किसी के लिये भी आसान काम नहीं होता है, इतिहास गवाह है कि जब-जब किसी ने आरक्षण के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की, तो उसकी कुर्सी खतरे में पड़ गई, बावजूद इसके पीएम मोदी नेगरीब सवर्णों को आरक्षण देने की ठानी, केन्द्र सरकार ने इसे कानूनी अमलीजामा पहनाया, लोकसभा तथा राज्यसभा से गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का कानूनी अधिकार दिलाया, अब नौकरियों से लेकर शिक्षण संस्थानों में एडमिशन तक के लिये गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलना शुरु हो गया है।

तीन तलाक की समाप्ति

पीएम मोदी ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की काली प्रथा से आजादी दिलाई, उनके नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने तीन तलाक कानून को संसद से पास करके मुस्लिम महिलाओं को बड़ी सौगात दी, कहा जाता है कि इस कानून को पासकराने के लिये पीएम मोदी ने हरसंभव कोशिश की, देश में ऐसा माहौल बनाया कि कानून को पास कराने में कोई परेशानी ना हो।

CAA और NRC पर बड़ा फैसला

दूसरे कार्यकाल के पहले 7 महीने में ही मोदी सरकार ने फिर से बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया, ये फैसला था सीएए को पास करवाने का,  नागरिकता संशोधन कानून के तहत पाक, बांग्लादेश तथा अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकोंको भारत में नागरिकता का अधिकार मिल गया, यानी इन देशों के हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी तथा ईसाई जो सालों से शरणार्थी की जिंदगी जीने को विवश थे, उन्हें भारत की नागरिकता हासिल करने का अधिकार मिल गया।

ये भी पढ़ें:-पीएम मोदी के पावर प्रोजेक्ट से घबरा गया चीन, अब इस सड़क से ड्रैगन पर रहेगी पूरी नजर