Amit Shah

नई दिल्ली। एम मोदी का जीवन सार्वजनिक रहा है। पीएम मोदी ने प्रशासन की बारिकियों से समझा है। गुजरात में बीजेपी की हालत खराब थी, उसे पीएम मोदी ने ही खड़ा किया। यह बातें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक साक्षात्कार के दौरान कही। उन्होंने यह इंटरव्यू सत्ता में प्रधानमंत्री मोदी के 20 साल पूरे होने के उपलक्ष्य पर दिया है। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि प्रधानमंत्री मोदी के जीवन में कब-कब चुनौतियां आईं तो शाह ने कहा कि उनके सार्वजनिक जीवन के तीन हिस्से किए जा सकते हैं। एक तो बीजेपी में आने के बाद का उनका पहला कालखंड संगठनात्मक काम का था। दूसरा कालखंड उनके मुख्यमंत्री का रहा और तीसरा राष्ट्रीय राजनीति में आकर प्रधानमंत्री बने। इन तीन हिस्सों में उनके सार्वजनिक जीवन को बांधा जा सकता है।

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गुजरात में बीजेपी को मोदी ने खड़ा किया

अमित शाह ने कहा कि जब उनको बीजेपी में भेजा गया। संगठन मंत्री बनाया गया, उस वक्त बीजेपी की स्थिति गुजरात में खस्ताहाल थी और देश में दो सीटें आई थीं। तब वो संगठन मंत्री बने और 1987 से उन्होंने संगठन को संभाला। 1987 के बाद सबसे पहला चुनाव आया अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का था। उन्होंने बताया कि पहली बार भारतीय जनता पार्टी अपने दम पर कॉर्पोरेशन में सत्ता में आई। उन्होंने कहा कि उसके बाद बीजेपी की यात्रा शुरू हुई। 1990 में हम हिस्सेदारी में सरकार में आये। 1995 में पूर्ण बहुमत में आए और वहां से बीजेपी ने आजतक पीछे मुड़कर नहीं देखा है। उन्होेंने कहा कि जनता की स्वीकार्यता है।

उन्होंने कहा कि दूसरा बड़ा चैलेंज तब आया जब वो मुख्यमंत्री बने. मैं साबरमती विधानसभा से आता हूं, वहां से भी हम हार गए थे। गुजरात में बड़ा भूकंप आया था। सारे चुनाव कांग्रेस जीत गई थी. 70 के दशक के बाद पहली बार बीजेपी राजकोट म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन में हारी थी और अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन हम 1987 के बाद पहली बार हारे।
अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी को प्रशासन को कोई अनुभव नहीं था लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के उन्होंने प्रशासन की बारीकियों को समझा। योजनाएं बनाईं और योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम किया। गृहमंत्री ने कहा कि ऐसा लगता था कि जो भूकंप बीजेपी के लिए धब्बा बन जाएगा, वो भूकंप के काम की पूरी दुनिया में सराहना हुई।
अमित शाह ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस ने आदिवासियों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। उन तक योजनाएं नहीं पहुंचाई। मोदी ने सारी बिखरी हुई योजनाओं को एक किया और संविधान के अनुसार उनकी जनसंख्या के हिसाब से उनको अधिकार दिये। वनबंधु कल्याण योजना से आदिवासियों को फायदा हुआ। लोगों के जीवन में सुधार आया।

उन्होंने कहा कि यूपीए की सरकार में हर क्षेत्र में देश नीचे की ओर जा रहा था। दुनिया में देश का कोई सम्मान नहीं था। नीतिगत फैसले महीनों तक सरकार की आंतरिक कलह में उलझते रहते थे। उन्होंने बताया कि एक मंत्री महोदय तो 5 साल तक कैबिनेट में नहीं आये। ऐसे माहौल में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला। उन्हों बताया कि आज सारी व्यवस्थाएं अपनी जगह पर सही हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जी जोखिम लेकर फैसले करते हैं ये बात सही है। हमारा लक्ष्य देश में परिवर्तन लाना है. 130 करोड़ की आबादी वाले विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को दुनिया में एक सम्मानजनक स्थान पर पहुंचाना है।

Amit Shah urgent meeting

अमित शाह ने कहा कि दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण देश की सुरक्षा भी चाक-चैबंद हुई। कभी कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि भारत एयर स्ट्राइक या सर्जिकल स्ट्राइक कर सकता है। उन्होंने कहा कि आतंकियों का जवाब जरूरी है। कभी नहीं सोच सकता था कि कोई प्रधानमंत्री कहेगा कि भारत में 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की क्षमता है। हम 11 नंबर से 6वें नंबर की अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन तीनों चैलेंज का सामना किया है और ये उनकी लीडरशिप की बहुत बड़ी क्वालिटी है।

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डिक्टेटरशिप आरोप बेबुनियाद

इस सवाल पर अमित शाह ने कहा कि मैंने उन्हें नजदीक से काम करते देखा है। ये सारे जो लोग आरोप लगाते हैं, बिल्कुल बेबुनियाद आरोप हैं। मैंने मोदी जैसा श्रोता देखा ही नहीं है। कोई भी बैठक हो, कम से कम वो बोलते हैं और बहुत धैर्य से सुनते हैं और फिर उचित निर्णय लेते हैं। कई बार तो हमें भी लगता है कि क्या इतना सोच-विचार चल रहा है लेकिन वो सबकी बात सुनते हैं और छोटे से छोटे व्यक्ति के सुझाव को गुणवत्ता के आधार पर महत्व देते हैं। तो ये कह देना कि वो निर्णय थोंप देने वाले नेता है, इसमें जरा भी सचाई नहीं है।

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