जब PM मोदी को भेंट किया गया कुरान, जानें कैसा रहा था उनका रिएक्शन 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहमदाबाद के पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कई मसले पर अपनी बेबाक राय रखी, लेकिन इस दीक्षांत समारोह में इस यूनिवर्सिटी के एक पूर्व छात्र भी शामिल हुए, जिनका नाम अलिमुद्दीन है। इनकी 6 मर्तबा पीएम मोदी से मुलाकात हो चुकी है। इतना ही नहीं, इन्होंने एक मुलाकात में तो पीएम मोदी को कुरान तक भेंट किया, जिसे सहर्ष स्वीकार भी किया था। मुलाकात का यह किस्सा साल 2006 का है, जब अलिमुद्दीन इस युनिवर्सिटी के  इंजीनियरिंग के  छात्र हुआ करते थे और जब आज इतने वर्षों बाद उसी अंदाज और बेबाकी से अलिमुद्दीन का दीदार पीएम मोदी से हुआ तो यकीनन इनका दिल भर आया और वे बेशाख्ता उन सभी पुराने किस्सों को याद करने लगे जिनका रिश्ता पीएम मोदी से जुड़ा हुआ था। ये भी पढ़े :हमें मिलकर लड़ना होगा..कोरोना के खिलाफ जंग में पीएम मोदी ने मांगा आम जनता का साथ 

अलिमुद्दीन ने ट्विटर पर पीेएम मोदी के साथ 6 मुलाकातों सहित कुरान देने तक का किस्सा भी शेयर किया है, जो अभी जमकर वायरल हो रहा है। अलिमुद्दीन बताते हैं कि यह 2006 का दौर था। जब गुजरात मे हिंदू-मुस्लिम दंगा सहित भूकंप का कहर अपने  चरम पर था। गुजरात के अखबार दंगों की तस्वीरों से भरे रहते थे। इन दंगोंं की तफ्तीश जारी थी। अलिमुद्दीन बताते हैं कि यह सिलसिला चल ही रहा था कि वे यहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए आए थे। कभी दिल में गुजरात को लेकर एक अलग तस्वीर गढ़ चुकी थी कि मगर यहां आकर मेरे जेहन में बहुत सारे लिखित इबारतों में तब्दिलयत आ गई। उस वक्त नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे और अलिमुद्दीन पंडित पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के छात्र हुआ करते थे। उन्होंने तवाक से जाकर इस दंगे की जांच कराने हेतु गुजरात सरकार की प्रभावशिलता पर ही सवाल खड़े कर दिए। उनकी इस बेबाकी का नतीजा यह हुआ है कि उन्हेें गुजरात सरकार  में बैठक के लिए बुलाया गया।

मगर आहिस्ता-आहिस्ता.. वक्त बदला.. स्थिति बदली.. परिस्थिति बदली.. फिर अलिमुद्दीन के जेहन में पीएम मोदी को लेकर गढ़ी छवि और गुजरात को लेकर छवि भी बदल गई। इस बीच अलिमुद्दीन  की पीएम  मोदी से  तकरीबन 6 मर्तबा मुलाकात भी हो चुकी थी। इन मुलाकातों को वो शब्दों  में तब्दिल कर इसे किताबों की शक्ल भी दे चुके हैं। उनकी यह किताबें बेहद लोकप्रिय हैं।

बात 2010 की है… जब पीएम मोदी ने एक मुलाकात के दौरान अलिमुद्दीन को बताया कि यकीनन उन्होंने मुस्लिमों के लिए कुछ नहीं किया और  इसी तरह  न ही उन्होंने हिंदू, सिख, जैन  या फिर किसी अन्य संप्रदाय के लिए भी कुछ नहीं किया है, बल्कि उनके ऊपर तो गुजरात के 5.5 करोड़  लोगों के दायित्व का भार है। लिहाजा, मैंने जो कुछ भी किया वो सब इन सभी को देखकर किया है। पीएम मोदी से हुई इन मुलाकातों से अलिमुद्दीन  काफी उत्साहित नजर आए थे।

अलीमुद्दीन बताते हैं कि बात 2013 की है। जब पीएम मोदी ने उन्हें उत्साहित करते हुए कहा था कि आपको अपने आपको विपरीत परिस्थितियों के लिए तैयार करना होगा। दीर्घकालीन लक्ष्यों के लिए दुनिया हमेशा आपके राह में खड़ी रहेगी। लेकिन आपको इन बाधाओं से दोस्ती करनी होगी, चूंकि आज की इस दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं जो संभव न हो। यकीनन अलिमुद्दीन पीएम मोदी की इन बातों से काफी उत्साहित हुए थे और आज की तारीख में वे बहुत सफल इंजीनियर हैं। उनके पास अपने देश के साथ-साथ विदेशों में भी काम करने का अनुभव है। वे बताते हैं कि आज  भारत की  छवि जिस तरह से विदेशों में बनी हुई है। इसका पूरा श्रेय पीएम मोदी व उनकी रणनीतियों को जाता है। ये भी पढ़े :पीएम मोदी की इन 7 योजनाओं ने बदली आम जनता की जिंदगी, घर-घर तक होती है बात