सयुंक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की उड़ी धज्जियां, भारत ने सुनाई खरी-खोटी, जानें वजह

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विदेशा मैत्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल जम्मू- कश्मीर से धारा 370 को हटाने का फैसला लिया। इस फैसले के पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया था। जिसके चलते पाकिस्तान ने पूरी दुनिया के आगे कश्मीर का राग गया। वहीं, अब घाटी पर पीएम मोदी के इस फैसले को एक साल से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन पाकिस्तान का कश्मीर राग अब तक शांत नहीं हुआ। सयुंक्त राष्ट्र की 75वीं सालगिरह पर भी एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कश्मीर का मुद्दा उठाया। जिस पर भारत ने पाकिस्तान को जमकर खरी-खोटी सुनाई है। भारत ने पाकिस्तान को घेरते हुए कहा कि इस्लामाबाद की पहचान आतंकवाद के एक केंद्र के रूप में है।

सयुंक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि, ‘मैं पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए बयान को लेकर जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करती हूं। हमारे प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद थी कि आज सयुंक्त राष्ट्र ने एक मील का पत्थर हासिल किया है और इस सादर स्मरण के दौरान एक बार फिर महासभा के उन आधारहीन झूठों को दोहराया जाएगा, जो पाकिस्तान द्वारा हर मंच पर लगातार उठाया जा रहा है। ये बातें अब पाकिसत्न का ट्रेडमार्क बन चुकी है। पाकिस्तान के प्रतिनिधि के द्वारा आज जो हमने सुना है वह भारत के आंतरिक के बारे में पाकिस्तान प्रतिनिधि द्वारा कभी न खत्म होने वाली मनगढ़ंत कहानियां है।

इसके आगे उन्होंने कहा कि, ‘हम जम्मू और कश्मीर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण संदर्भ को अस्वीकार करते है जो भारत का अभिन्न अंग है अगर कोई ऐसा आइटम है जो सयुंक्त राष्ट्र के एजेंडे में अधूरा है, वह आतंकवाद के संकट से निपटा है। पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जो आतंकवाद को लेकर विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त केंद्र है। इस्लामाबाद खुद ही आतंकवादियों को प्रशिक्षित करता है और उन्हें शहीद के रूप में मान्यता देता है। इसके अलावा पाकिस्तान अपने देश में लगातार जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों को सताता है।’

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