गिलगित-बाल्टिस्तान को हथियाने के लिए पाक ने चीन से ली मदद, तो भारत ने दोनों को दी ये बड़ी चेतावनी!

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Xi Jinping-imran khan

कोरोना संकट के बीच पाक लगातार अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देने की कोशिश में लगा हुआ है. कभी पाक की तरफ से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जाता है, तो कभी कश्मीर पर अपना हक जमाने लगता है. फिलहाल पाकिस्तान का मंसूबा क्या है ये दुनिया से छिपा नहीं है. लेकिन जब से भारत ने अपने मानसून में गिलगित और बाल्टिस्तान को दिखाया है तभी से ही पाक बौखला गया है. ऐसे में इन दोनों जगहों को हथियाने के लिए पाकिस्तान अपना खुरापाती दिमाग इस्तेमाल करने में चीन की मदद ले रहा है. इतना ही नहीं पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान पर कब्जा जमाने के लिए वहां पर बांध के निर्माण करने की तैयारी में लगा हुआ है.

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इस बांध को तैयार करने के लिए पाक ने चीन की एक सरकारी कंपनी और अपनी प्रभावशाली सेना के वाणिज्यिक अंग के साथ 442 अरब रूपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर भी कर दिया है. यही कारण है कि भारत ने इस पर अपना कड़ा रीख दिखाया है. Xi Jinping-imran khanदरअसल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस मसले पर बात करते हुए कहा है जबाव दिया है कि पाकिस्तान द्वारा अवैध कब्जे वाले इलाकों में इस तरह की परियोजनाएं शुरू करना बिल्कुल सही नहीं है.

इसके आगे बातचीत में उन्होंने ये भी कहा कि हमारी तरफ से ये बात हमेशा से ही स्पष्ट रही है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेशों का जितना भी इलाका है वो भारत का अविभाज्य रहा है, है हमेशा रहेगा. इसके साथ ही उन्होंने ये बताया कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र में इस तरह की परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान और चीन के सामने लगातार हमने अपना विरोध जताया है और आगे भी ऐसे ही हम अपनी तरफ से इसके खिलाफ विरोध जताते रहेंगे. Pm Modiआपको याद होगा कि पिछले हफ्ते ही वहां की एक शीर्ष अदालत ने गिलगित-बाल्टिस्तान इलाकों में चुनाव कराने का आदेश दिया था. जिसके बाद भी भारत ने अदालत के फैसले का कड़ा विरोध जताया था.

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