धारा 370 पर पाकिस्तान की बोलती हुई बंद, 8 दिग्गज देशों ने इमरान पर जड़ा तमाचा

जब तारीख थी 5 अगस्त, तब संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में धारा 370 के खात्मे का एलान किया था, तभी से सियासी गलियारों में विपक्षी खेमों के द्वारा सरकार के इस कदम का विरोध किया जा रहा है। हालांकि, पहले ये विरोध महज हमारे देश के सियासतदानों तक ही सीमित था, लेकिन कश्मीर मसला पाकिस्तान से जुड़े होने के कारण ज्यादा समय नहीं लगा की पकिस्तान ने भी भारत सरकार के इस कदम का विरोध किया और कहा कि हम इस मसले को संयुक्त राष्ट्र में लेकर जाएंगे। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू का हवाला देते हुए कहा कि ‘उन्होंने ही कश्मीर मसले को सुंयक्त राष्ट्र भेजा था’। ऐसे में इस पर अंतिम फैसला यूएन ही ले सकता है। ये भी पढ़े :अमित शाह ने बोला कश्मीर से धारा 370 हटने से आतंकवाद का होगा खात्मा

एक तरफ जहां पाकिस्तान धारा 370 के खात्मे का विरोध कर रहा हैं तो वहीं, अब दूसरी तरफ विश्व के कुल आठ देशों ने भारत सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ये सरकार का आंतरिक मामला है। उसे इस पर फैसला लेने का पूरा अधिकार है। आइए हम आपको उन सभी देशों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।

मालदीव— मालदीव ने भारत सरकार के इस फैसले पर कहा कि ‘हम सरकार के इस कदम का समर्थन करते हैं। ये भारत सरकार का आंतरिक मामला है। एक संप्रभु राष्ट्र होने के नाते सरकार जो चाहे इस पर फैसला ले सकती है। अपनी इच्छा के मुताबिक वो इसमें जो चाहे बदलाव कर सकती है’।

श्रीलंका— जम्मू-कश्मीर से लद्दाख के अलग होने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार की 70 फीसद आबादी बोद्ध धर्म की है। ऐसे में लद्दाख ऐसा पहला राज्य होगा, जो बोद्ध धर्म बाहुल्य राज्य कहलाएगा।

बांग्लादेश — जम्मू-कश्मीर मामला भारत सरकार का आंतरिक मामला है। ऐसे में इस मसले को लेकर कुछ भी बोलने का अधिकार हमारे पास नहीं है।

यूएई — भारत सरकार का ये फैसला समाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने वाला साबित होगा। सरकार के इस कदम से सामाजिक शांति बढ़ेगी।

रूस — रूस ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है। सरकार के इस फैसले को संविधान के दायरे में बताया है। रूस ने भारत और पाकिस्तान से आहान किया है कि शिमला समझौते को आधार बनाकर और आपसी मतभेदों को दूरकर इस मसले को दोनों ही मुल्क सुलझाने का प्रयास करें।

अमेरिका – वहीं, अमेरिका ने भारत सरकार के इस फैसले  को लेकर कहा कि दोनों देश इस मसले को लेकर शांति बरतने का काम करें।

चीन – वहीं, चीन ने अन्य देशों से इतर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के आधार पर इस मसले को लेकर सुलाझाने  के लिए कहा है। साथ ही उसने दोनों मुल्कों को अपना पड़ोसी बताया है। हालांकि, पाकिस्तान का दावा है कि इस मसले को लेकर पाकिस्तान को चीन का साथ मिल रहा है।

बिट्रेन – वहीं, ब्रिट्रेन ने भी इन सबसे इतर बयान दिया है। बिट्रेन का कहना है कि हम इस मसले को लेकर कोई मध्यस्थता नहीं करेंगे। बहरहाल, ये दोनों ही देशों का द्विपक्षीय मसला है, दोनों देश इसे आपसी बातचीत से सुलझाने का प्रयास करें। ये भी पढ़े :धारा 370 पर बने गजब के भोजपुरी गाने, मोदी शाह की हुई जमकर तारीफ, सोशल मीडिया पर वायरल

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