बातचीत के लिए पाकिस्तान ने चली नई चाल, रखी ये शर्तें, भारत ने जवाब में कहा- सपना न देखे PAK

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India-Pakistan

भारत और पाकिस्तान (India-Pakistan) के बीच काफी समय से नोंक-झोंक जारी है. इसी बीच पाक के पीएम इमरान खान (PM Imran Khan) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की ओर से ये दावा ठोका गया था कि, भारत की ओर से बातचीत की इच्छा जताई गई है. दरअसल हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से जारी कि गई एक रिपोर्ट की माने तो भारत के उच्चाधिकारियों ने पाकिस्तान के ऐसे किसी भी दावे को नकार दिया है. इस मामले से संबंधित सूत्रों की तरफ से कहा गया है कि, भारत ने न तो खुद और न ही किसी दूसरे के जरिए पाकिस्तान से बातचीत की इच्छा जताई है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, हाल ही में पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. मोइद यूसुफ ने ये बयान दिया था कि, भारत की ओर से एक संदेश भेजकर “बातचीत की इच्छा” जाहिर की गई थी. लेकिन इस मामले से जुड़े सूत्र की जब हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत हुई तो, उन्होंने बताया कि आखिर ये पूरा किस्सा है क्या? इसके साथ ही सूत्रों ने ये भी कहा है कि, भारत का विदेश मंत्रालय भी जल्द ही ऐसे दावे को लेकर अपना ऑफिशियल बयान जारी करेगा.
इसके साथ ही अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि, पाकिस्तान को लेकर भारत का फैसला बिल्कुल साफ है, और यही सच है कि भारत पाकिस्तान से किसी भी तरह की कोई वार्ता करने में दिलचस्पी नहीं रखता है. इसके साथ ही भारत की तरफ से ये भी स्पष्ट किया गया है कि भारत तब तक पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं करेगा, जब तक कि इमरान सरकार आतंकवाद और हिंसा से मुक्त वातावरण नहीं बनाती है. लेकिन इसके खिलाफ कदम उठाने के लिए पाकिस्तान को अपने यहां के आतंकी प्रशिक्षण केंद्र पर शिकंजा कसना होगा. साथ ही आतंकवादियों के खिलाफ एक बड़ी मुहिम छेड़नी होगी.

इतना ही नहीं इस बारे में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बात करते हुए ये तक कह दिया कि, जब तक पाकिस्तान वार्ता के लिए सही माहौल नहीं तैयार करता है, तब ये कहना कि भारत बातचीत के लिए राजी है, सिर्फ सपना देखना ही है. आपको बता दें कि साल 2014 की बात है जब पाकिस्तान के एनएसए ने पेशावर में आर्मी स्कूल पर हुए हमले को भारत से लिंक करने की गलती की थी. जबकि इस हमले को पाकिस्तान में पाले गए तहरीक-ए-तालिबान ने ही अंजाम दिया था. जिसमें 130 मासूम बच्चों को मौत के घाट उतार दिया गया था. लेकिन ये सबक भी पाकिस्तान कुछ समय के बाद जैसे भूल गया, शायद यही कारण है कि अभी भी खुलेआम पाकिस्तान में आतंकी घूम रहे हैं और अपना राज चला रहे हैं.

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