UNSC में पाक ने कश्मीर मुद्दे चीन से मांगी मदद, भारत बोला- पाकिस्तान वैश्विक शर्मिंदगी से बचे

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भारत सररकार ने जब से जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 का खात्म किया है, तभी से पाकिस्तान भारत के इस फैसले पर एतराज जताते हुए अलग-अलग मंचों व अलग-अलग मौकों पर उठाने की कवायद में जुटा हुआ है, मगर उसे हर जगह निराशा ही हाथ लग रही है। अब इस बीच एक बार फिर से पाकिस्तान ने चीन के अनुरोध का सहारा लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कश्मीर मसले को उठाने की कोशिश की थी, मगर परिषद के सदस्य देशों ने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मसला बताते हुए कहा कि इस विषय को उठाने के लिए ये उपयुक्त मंच नहीं है। लिहाजा दोनों मुुल्क इस मसले पर द्विपक्षीय वार्ता करें। ये भी पढ़े :अधीर रंजन चौधरी का विवादित बयान, कहा- हां, मैं हूं पाकिस्तानी, ये हिन्दुस्तान मोदी-शाह के बाप का नहीं

इसके साथ ही इस पूरे मामले को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रकक्ता रवीश कुमार का बयान आया है। उक्त मामले को लेकर उन्होंने प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा, ‘इस मंच का दुरूपयोग करने की यह कोशिश एक UNSC सदस्य के जरिए की गई है। UNSC का एक बहुत बड़ा हिस्सा इस विचार का था कि इस तरह के मुद्दों के लिए ये सही मंच नहीं है, और उन पर द्विपक्षीय चर्चा होनी चाहिए। बंद दरवाजे के पीछे हुई चर्चा बेनतीजा ही साबित होगी।

 

इसके साथ ही रवीश ने बयान जारी कर कहा, ‘आधारहीन आरोप लगाकर खतरनाक स्थिति पैदा करना पाकिस्तानी की बैचेनी है। हमें उम्मीद है कि हमारा ये पैगाम पाकिस्तान तक जाएगा कि अगर दोनों मुल्कों के बीच कोई मसला है, जिस पर चर्चा होनी चाहिए तो हम द्विपक्षीय रूप से इस पर चर्चा कर सकते हैं। वहीं, रवीश ने पाकिस्तान के इस कृत्य को शर्मनाक बताते हुए कहा कि पाकिस्तान के पास अभी-भी मौका है कि वे इस वैश्विक शर्मिंदगी से बचे। ये भी पढ़े :जम्मू-कश्मीर में 250 आतंकियों के घुसे होने की पुख्ता जानकारी, सेना ने इस तरह मारने का बनाया बड़ा प्लान

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