राम मंदिर ‘भूमि पूजन’ में पीएम मोदी को देख बौखलाए ओवैसी, नए भारत पर किया गंभीर सवाल

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ओवैसी

अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन का कार्यक्रम पूरी तरह संपन्न हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का शिलान्यास किया। इस दौरान पीएम मोदी ने मंदिर के निर्माण कार्य को शुरू करने के लिए एक ईंट भी रखी। जिसके बाद से ही अयोध्या नगरी जय श्री राम के नारे से गूंज उठी है लेकिन ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को अयोध्या का ये कार्यक्रम और इस भव्य कार्यक्रम में पीएम मोदी का शामिल होना बिल्कुल भी पसंद नहीं आया है। जिस वजह से असदुद्दीन ओवैसी पीएम मोदी के इस कार्यक्रम में शामिल होने पर लगातार सवाल खड़े कर रहे है। वहीं, अब ओवैसी ने एक बार फिर पीएम मोदी के इस कार्यक्रम में जाने पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र की हार बताया है।

धर्मनिरपेक्ष नीतियों का उल्लंघन
दरअसल असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, ‘मैं शुरू से ही यह कहता रहा हूं कि पीएम को भूमि पूजन में शामिल नहीं होना चाहिए था क्योंकि वह किसी समुदाय के पीएम नहीं है, भारत का एक ही धर्म है। पीएम मोदी का ऐसा करना लोकतंत्र की हार है। पीएम का इस कार्यक्रम में शामिल होना देश की धर्मनिरपेक्ष नीतियों का उल्लंघन है। आज हिंदुत्व और धर्मनिरपेक्षता के लिए एक सफल दिन है क्योंकि मोदी (एक पीएम के रूप में) इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में पीएम ने राम मंदिर को देश का प्रतीक बताया है लेकिन, यह समझने की जरूरत है कि वह देश के पीएम है और इस देश का प्रतीक मंदिर या मस्जिद कभी नहीं हो सकता।’

क्या है नया भारत?
ओवैसी ने आगे बोलते हुए कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रमुख उपस्थिति के कारण हिंदुत्व की सफलता का दिन है। वह वहां क्यों है? इस कार्यक्रम में भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि यह नया भारत बनाता है। क्या है नया भारत? नया भारत जहां मुस्लिमों के साथ भेदभाव किया जाएगा।।’ इसके आगे ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह भावुक है लेकिन मैं भी भावुक हूं क्योंकि मैं नागरिकों की सहभागियों और समानता में यकीन रखता हूं। इस वजह से भावुक हूं क्योंकि वहां 450 वर्षों तक मस्जिद खड़ी थी। मैं भी भावुक हूं क्योंकि आपकी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोला है। बीजेपी और संघ परिवार ने मिलकर बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था।’

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