भारत में चीन ने नहीं बल्कि इन देशों ने फैलाया है कोरोना, स्टडी में हुआ हैरतअंगेज खुलासा 

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कोरोना का जन्मस्थल, कोरोना का उदगम स्थल, कोरोना की मातृ भूमि कहे जाने वाले चीन पर उत्तरोत्तर यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि इसी ने भारत में कोरोना का प्रचार-प्रसार किया है, मगर अब वैज्ञानिकों की हालिया शोध रिपोर्ट इन तोहमतों को सिरे से खारिज करती हुई नजर आ रही है। वैज्ञानिकों ने अपने इस रिपोर्ट में न ही भारत का पक्ष लिया और न ही चीन का बचाव किया है बल्कि हकीकत को आम जनमानस के बीच प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। अब इनकी इस प्रस्तुती में आखिर कितनी हकीकत है.. यह तो फिलहाल शोध का विषय है.. तो चलिए अब ज्यादा समय  जाया न करते हुए सीधा शोध की हकीकत पर बात करते हैं।

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गर्म हो चुके कोरोना के तेवर को नरम बनाने के लिए पूरी दुनिया के वैज्ञानिक और डॉक्टर जुटे हैं। इसी कड़ी में जब डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी ने शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को अपनी शोध रिपोर्ट को पेश कर कथित तौर पर उसमें दर्ज हकीकत को बयां करने की कोशिश की तो हर कोई हैरत में पड़ गया। वैज्ञानिकों ने अपने शोध में इस बात का खुलासा करते हुए कहा कि भारत में कोरोना का प्रचार करने का योगदान चीन से ज्यादा यूरोप का है, चूंकि शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारत में कोरोना के सर्वाधिक मामले चीन से नहीं बल्कि यूरोप से आए हैं। हां.. बेशक चीन समस्त विश्व में कोरोना का उदगम स्थल रहा हो, लेकिन जब महज हम भारत के संदर्भ में बात करते हैं तो स्थिति कुछ और ही बनती है। यहां पर वैज्ञानिकों ने अपने हालिया शोध इस बात को सिरे से नकार दिया कि भारत में कोरोना फैलाने का जिम्मेदार चीन रहा है। शोध में खुलासा हुआ है कि भारत में कोरोना के सबसे ज्यादा वेरिएंटर यूरोप से सामने आ रहे हैं। अध्ययन में ये भी पाया गया कि SARS-Cov-2 की D164G जीन वैरिएंट में अब थोड़ी कमी आ रही है। ये वैरिएंट ज्यादातर दिल्ली में है और यही वजह है कि यहां कोरोना के ट्रांसमिशन में गिरावट आ रही है।

लॉकडाउन से हुआ फायदा 
भले ही आर्थिक गतिविधियां ठप हो चुका है। लोग बेरोजगारी के कहर से त्राहि-त्राहि कर रहे हो, लेकिन वैज्ञानिकों ने अपने हालिया शोध में इस बात का खुलासा किया है कि पूरे देश में कोरोना को काबू करने की दिशा में लॉकडाउन का अहम का अपना अहम योगदान रहा है, अब तो वैज्ञानिकों ने भी माना है कि अगर भारत में लॉकडाउन न लगाया गया होता तो स्थिति बेकाबू हो सकती थी। हालात बिगड़ सकते थे। संक्रमण के मामले बेतहाशा बढ़ सकते थे, मगर ऐन वक्त पर भारत सरकार ने लॉकडाउन लगाकर एक ऐसा कदम उठाया है, जो कि अब कारगर साबित हो रहा है। वहीं, भारत में कोरोना को मात देने वालों की संख्या अब 11 लाख को पार कर चुकी है। इस महामारी से मरने वालों की संख्या 2.15 फीसद पर पहुंच गई है।

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