मांग बढ़ाने पर वित्त मंत्री सीतारमण ने दिया जोर, सरकारी कर्मचारियों समेत राज्यों को मिली बड़ी सौगात

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Nirmala Sitharaman

कोरोना काल के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने आर्थिक मामलों को लेकर कई बड़े ऐलान किए जिसमें उन्होंने न केवल मांग बढ़ाने पर जोर दिया बल्कि सरकारी कर्मचारियों से लेकर कई राज्यों को बड़ी सौगात दी है। वित्त मंत्री सीतारमण ने प्रेस वार्ता में किए गए ऐलान का फायदा सकल घरलू उत्पाद (GDP) बढ़ाने पर जोर देने के लिए है। इस दौरान सीतारमण ने कहा, कोविड-19 की वजह से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। गरीब एवं कमजोर वर्ग की जरूरतों को आत्मनिर्भर भारत पैकेज (Atmnirbhar Bharat Package) के तहत पूरी करने की कोशिश की गई है। सप्लाई पर दबाव अब कम हो रहा है लेकिन मांग अभी भी प्रभावित हुई है।

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मांग बढ़ाने पर जोर
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, कंज्यूमर खर्च (Consumer Spending) बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से दो कंपोनेंट का ऐलान किया गया है। इसमें से पहला LTC कैश वाउचर स्कीम है। वहीं, दूसरा स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम होगा। इसके अलावा अन्य ऐलान पूंजीगत व्यय से संबंधित है। वहीं, वित्त मंत्री ने कंज्यूमर खर्च बढ़ाने के लिए LTC के तहत कैश वाउचर ​स्कीम का ऐलान किया है।

सरकारी कर्मचारियों को गिफ्ट
आज की प्रेस वार्ता में सीतारमण ने सरकारी कर्मचारियों को भी दीवाली गिफ्ट दिया है। सरकारी कर्मचारियों के लिए लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) को लेकर विशेष ऐलान किया गया है। इसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 4 साल में एक बार LTC का लाभ दिया जाएगा। एक LTC उन्हें भारत में कहीं भी घूमने के लिए दी जाएगी और एक होमटाउन के लिए दी जाएगी। अगर कोई सरकारी कर्मचारी घूमने के लिए छुट्टी नहीं लेता है तो उसे दो बार होमटाउन जाने के लिए LTC का लाभ दिया जाएगा।

मिलेंगे ये फायदें
इस स्कीम के तहत कर्मचारियों के स्केल और पद के आधार पर उन्हें हवाई या ट्रेन यात्रा की प्रतिपूर्ति दी जाएगी। इसके अलावा 10 दिन की छुट्टी (pay + DA) का भी प्रावधान होगा। इसके अलावा वित्त मंत्री ने कहा, एलटीसी कैश वाउचर स्कीम के तहत सरकारी कर्मचारियों के पास LTC  के बाद कैश प्राप्त करने का विकल्प होगा। उन्हें तीन बार के लिए टिकट किराया, 12 फीसदी या उससे ज्यादा जीएसटी देयता वाले प्रोडक्ट्स खरीदने का खर्च दिया जाएगा। इसके लिए केवल डिजिटल लेनदेन की ही अनुमति होगी और जीएसटी इनवॉइस (GST Invoice) भी जमा करनी होगी। सरकार को उम्मीद है कि एलटीसी कैश वाउचर स्कीम से करीब 28,000 करोड़ रुपये के कंज्यूमर मांग बढ़ाने में मदद मिलेगी।

राज्यों को सौगात
यही नहीं, वित्त मंत्री सीतारमण ने कई राज्यों को सौगात भी दिया है। उन्होंने 50 साल के लिए बिना ब्याज के पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के लिए 12,000 करोड़ रुपये का स्पेशल लोन देने का भी प्रावधान है। निर्मला सीतारमण ने बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों के लिए पहले हिस्से के तौर पर 1,600 करोड़ रुपये और सबसे ज्यादा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। इसके अलावा दूसरे हिस्से में अन्य राज्यों को कुल 7,500 करोड़ रुपये स्पेशल लोन के रूप में दिये जाने का प्रस्ताव है। सभी राज्यों का हिस्सा फाइनेंस कमीशन डिवॉलुशन के आधार पर तय किया जाएगा। तीसरे हिस्से में उन राज्यों को 2,000 करोड़ रुपये का लोन देने का प्रस्ताव है, जिन्होंने आत्मनिर्भर वित्तीय पैकेज के 4 में से 3 रिफॉर्म्स को पूरा किया है।

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