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भारत में बढ़े 650 से अधिक ओमिक्राॅन के संक्रमित, इस महीने चरम पर होगी तीसरी लहर

दिल्ली। कोरोना की दो लहरों में त्रासदियों केा झेलने के बाद अब तीसरी लहर की दहशत तेज हो गयी है। नया वैरिएंट ओमिक्राॅन तेज से संक्रमण फैला रहा है। ओमिक्रॉन अब तक देश के 21 राज्यों में पहुंच चुका है। ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों की संख्या 650 के पार हो गई है। तेजी से बढ़ते ओमिक्राॅन को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने लोगों के लिए कई तरह के निर्देश जारी किए हैं लेकिन नियंत्रण होना मुश्किल दिख रहा है। विदेशों में ओमिक्राॅन वैरिएंट पूरी तरह जनजीवन को त्रस्त कर चुका है। विशेषज्ञों का दावा है कि आने वाले दिनों में भारत में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिल सकती है।

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यह है विशेषज्ञ का दावा

कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हैदराबाद के निदेशक डॉक्टर संबित के अनुसार भारत में जनवरी 2022 के अंत तक कोविड-19 के मामलों में वृद्धि हो सकती है। जनवरी के अंत तक कोरोना के मामले बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया से अलग नहीं हैं। पूरी दुनिया जिस चुनौती का सामना कर रही है, हमें भी उसका सामना करना होगा। ओमिक्राॅन का कहर भारत में भी आयेगा।

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डॉक्टर संबित ने कहा कि अभी तक हमने कोविड-19 के मामलों में वृद्धि नहीं देखी है। अब ये धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कोरोना क्यों बढ़ रहा है कि इसे बता पाना अभी मुश्किल है। ओमिक्रॉन की वजह से हो रहा है या फिर डेल्टा की वजह से क्योंकि इसके लिए जेनेटिक टेस्टिंग की जरूरत है। ओमिक्राॅन से अधिकतर लोगों को बुखार, सिरदर्द, बंद नाक और खांसी की समस्या हो रही है। ओमिक्राॅन संक्रमित अभी तक हमने ऐसा मरीज नहीं देखा है जिसे सांस की तकलीफ की वजह से अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी हो।

भारत में तीसरी लहर आने की आशंका

डाॅक्टर संबित ने कहा कि भारत में जल्द ही कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। अस्पतालों में ऑक्सीजन, वैक्सीन और दवाओं जैसी सभी चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था कर ली गई है। महामारी के विशेषज्ञ गिरिधर आर बाबू का कहना है कि केवल फेस्टिवल की वजह से कोरोना के मामले नहीं बढ़ रहे हैं बल्कि इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से वैरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित किया जा चुका ओमिक्रॉन भी जिम्मेदार है। ओमिक्रॉन की वजह से आने वाले दो महीनों में इनकी संख्या और बढ़ सकती है जो भयावह होगा।

भारत में कोविड के मामलों में अचानक से बढ़ोतरी होगी और फिर इसका ग्राफ धीरे-धीरे गिरने लगेगा। भारत में कोविड के सबसे ज्यादा मामले 15 जनवरी से 15 फरवरी के बीच आ सकते हैं। जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है और कोविड से संक्रमित नहीं हुए हैं, उन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा होगा। सफदरजंग हॉस्पिटल में कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉक्टर जुगल किशोर ने कहा कि हम कह सकते हैं कि 60 से 70 फीसदी कोविड केस ओमिक्रॉन की वजह से हो सकते हैं। बाकी के लिए अन्य वैरिएंट जिम्मेदार हो सकते हैं। संक्रमण सोशल डिस्टेंसिंग ना होने पाने पर और तेजी से फैलता है। सर्दियों में लोग कमरों में बंद रहते हैं और एक-दूसरे से मुलाकात करते हैं, ऐसे वक्त में इंफ्लुएंजा के मामले भी बढ़ जाते हैं।

ओमिक्रॉन के हैं ये लक्षण

डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट के मरीजों में 4 अलग-अलग लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इसमें थकान, जोड़ों का दर्द, सर्दी और 102 से लेकर 108 डिग्री तक तेज बुखार महसूस हो रहा है।

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