PM मोदी के स्वदेशी नारे पर मोहन भागवत का आया बड़ा बयान, कहा- विदेशी उत्पादों का बहिष्कार करना जरूरी नहीं

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कोरोना काल के बीच पीएम मोदी (PM Modi) द्वारा लगाए गए स्वदेशी नारे ने पूरे देशभर को प्रभावित किया है. लोगों ने धीरे-धीरे इस बात पर अमल करना भी शुरू कर दिया है. इसी बीच स्वदेशी को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) की ओर से बुद्धवार को बड़ा बयान दिया गया है. मोहन भागवत ने कहा है कि स्वदेशी का मतलब ये जरूरी नहीं कि सभी विदेशी उत्पादों का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया जाए. लेकिन सिर्फ ऐसी किसी प्रौद्योगिकी या उत्पादों को आयात किया जाना चाहिए जिसकी देश में हमेशा से ही कमी रही है या फिर स्थानीय स्तर पर वो चीज उपलब्ध नहीं हो पा रही है.

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इसके साथ ही कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की प्रासंगिकता के बारे में बात करते हुए मोहन भागवत ने आगे कहा कि महामारी ने एक चीज तो साफ कर दिया है कि वैश्वीकरण के चाहने वाले रिजल्ट नहीं मिले हैं और एक आर्थिक मॉडल हर जगह पर लागू नहीं हो पाता है. स्वतंत्रता के बाद देश की जरूरतों के आधार पर आर्थिक नीति नहीं तैयार की गई. जिसके बाद दुनिया और कोविड-19 ने भी ये बात पूरी तरह से साफ कर दिया है कि विकास से जुड़ा एक नया मूल्य आधारित मॉडल को जरूर लाना चाहिए.

दरअसल डिजिटल के जरिए प्रो. राजेन्द्र गुप्ता की दो किताबों का लोकार्पण करने के साथ ही मोहन भागवत ने दुनिया को एक बाजार नहीं बल्कि एक परिवार के तौर पर समझने और आत्मनिर्भरता के साथ सद्भावनापूर्ण सहयोग की आवश्कता पर ध्यान खींचने की कोशिश की है. इसके साथ ही भाजपा नीत राजग सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान का सपोर्ट करने के साथ ही सरसंघचालक ने अपने बयान में साफ स्पष्ट किया है कि स्वदेशी का अर्थ देशी उत्पादों और प्रौद्योगिकी को पहली प्राथमिकता देना है. लेकिन इसका अर्थ ये बिल्कुल नहीं है कि सारे विदेशी उत्पादों का बहिष्कार कर दिया जाए.

आगे अपने बयान में उन्होंने ये भी कहा कि, ‘हमें ऐसी बातों पर ध्यान देने की जरूरत है कि इस पर निर्भर न हुआ जाए कि हमारे पास विदेश से क्या चीजें आयात की जाती हैं, लेकिन ये चीज हम अगर हम करते हैं तो हमें अपनी बनाई हुई शर्तों पर खड़ा रहना चाहिए.’ इसके साथ ही मोहन भागवत ने ये भी कहा कि, जरूरी नहीं कि विदेशों की जो चीजें है उनका सीधा बहिष्कार कर दिया जाए. लेकिन याद रहे कि आप उन चीजों का आयात अपनी बनाई हुई शर्तों के आधार पर ही करें.

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