मोदी-पुतिन की मुलाकात पर दुनियाभर की निगाहें, पाकिस्तान के लिए बुरी खबर

प्रधानमंत्री नरेंद्र अपनी दूसरी पारी की शुरूआत करने के बाद अब अपने पहली विदेश यात्रा के लिए भी निकल चुके है। दूसरी पारी में पीएम मोदी विश्केक पहुंचे। यहां पर पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। हालांकि पीएम मोदी ने इससे पहले भी एससीओ की बैठक में हिस्सा लिया है। लेकिन इस बार ये बैठक खास है। इसका कारण ये है कि इस बार इस बैठक में पाकिस्तान और भारत के बीच किसी भी तरह की बातचीत नहीं होगी। दूसरी तरफ पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करेंगे। और द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इतना ही नहीं, इस बार पीएम मोदी बिश्केक पाकिस्तान के रास्ते न होकर, लंबे रास्ते से गए थे। बुधवार को विदेश मंत्रालय ने बताया था कि भारत सरकार के पास प्रधानमंत्री के वीवीआईपी प्लेन को बिश्केक में होने वाले एससीओ सम्मेलन में जाने के लिए दो रास्ते हैं। सरकार ने फैसला लिया था कि प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान से नहीं, बल्कि ओमान, ईरान और सेंट्रल एशियन देशों से होते हुए बिश्केक जाएंगे।

बिश्केक में मोदी का कार्यक्रम
शाम 03.00- बिश्केक के मनास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पीएम मोदी पहुंचें
शाम 04.50- चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता
शाम 05.30- रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता
शाम 06.30- किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के साथ रात्रिभोज
रात 10.00- अफगानी राष्ट्रपति अशरफ घानी के साथ द्विपक्षीय वार्ता

जाने क्या है एससीओ समिट
शंघाई सहयोग संगठन एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसका गठन 2001 में शंघाई में किया गया। इसका उदय 1966 में गठित शंघाई पांच संगठन से हुआ, जिसके सदस्य चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस और ताजिकिस्तान थे। वर्ष 2001 में उज्बेकिस्तान को भी इसमें शामिल कर लिया गया और संगठन का नाम बदलकर शंघाई सहयोग संगठन रख दिया गया। इसके अलावा भारत, पाकिस्तान, ईरान और मंगोलिया इस संगठन में पर्यवेक्षक के तौर पर 2005 से शामिल होने लगे। और 2017 में भारत- पाकिस्तान को भी इस संगठन में स्थाई सदस्यता मिल गई। इस संगठन का मुख्य कार्य मध्य एशिया में स्थिरता को मजबूत बनाना है, पर यह आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध को प्रगाढ़ करने की दिशा में भी काम करता है। आपदा के समय सदस्य देशों में सूचनाओं का आदान-प्रदान करना, एक-दूसरे को विशेष उपकरण उपलब्ध कराना, नागरिक सुविधाओं में एक-दूसरे की मदद करना, वित्तीय-आर्थिक-सामरिक और मानवीय सहायता देना भी इसके महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल है। ये भी पढ़ें:-पाकिस्तान में हड़कंप;आधी रात को इमरान खान ने किया बड़ा ऐलान, कहा- मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा

 

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