MP में कांग्रेस से 25 बागी विधायकों के इस्तीफा देने के बाद सिंधिया का बड़ा बयान, कहा- सबको मिलेगा टिकट 

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JYOTIRADITYA

महाराष्ट्र में शुरू हुई राजनीतिक घमासान कमलनाथ पर आखिर भारी पड़ ही गई है. लेकिन इस बात को नकारा नहीं जा सकता, कि एमपी में राजनीतिक भूचाल ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद ही आई. एक समय में कांग्रेस के सबसे करीबी और कद्दावर नेता माने जाने वाले सिंधिया का फैसला अचानक से ही बदल गया. उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. इसके बाद एमपी में कांग्रेस के विधायकों का इस्तीफा देने का सिलसिला जारी रहा और एक के बाद एक 22 विधायकों ने कांग्रेस के साथ चलने से इनकार कर दिया. ज्योतिरादित्य के समर्थन में कांग्रेस के 22 विधायकों ने उनके साथ चलने का फैसला किया है. इसी बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से एक बड़ा बयान आया है.

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दरअसल मध्य प्रदेश के 22 बागी विधायकों ने हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी भाजपा में सम्मिलित हुए. जिसकी जानकारी खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया के जरिए दी. इसके बाद शनिवार के दिन सिंधिया ने एक और बड़ा बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि, ‘आज हमारे 22 विधायक पार्टी अध्यक्ष जे. पी. नड्डा की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. इन सभी विधायकों को चुनाव का टिकट दिया जाएगा. जे. पी. नड्डा ने हमको प्रोत्साहित किया है और आश्वासन दिया कि सभी का सम्मान बनाए रखा जाएगा.’

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बात करें एमपी में सरकार बनाने की तो मुख्यमंत्री कमलनाथ के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद से ही बीजेपी प्रदेश में सरकार बनाने की तैयारी में जोरों-शोरों से लग चुकी है. इसके साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफा देने के बाद से एमपी की सरकार डगमगा गई थी और 22 विधायकों ने अपना इस्तीफा कमलनाथ को सौैंप दिया था. लेकिन इसके बावजूद भी कमलनाथ मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने को तैयार नहीं थे, और न ही फ्लोर टेस्ट करवाने के लिए राजी थे. कमलनाथ की मनमानी को देखते हुए बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला लिया. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के सामने दोनों पक्षों की दलीलें रखी गई, जिसे सुनने के बाद कोर्ट की तरफ से कमलनाथ सरकार को फ्लोर टेस्ट करने का आदेश दिया गया. इजिसके बाद बीजेपी का रास्सताी मध्य प्रदेश के लिए बिल्कुल साफ हो गया.

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आपको बता दें कि एमपी में विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या 230 है, लेकि्न इसके बाद भी 25 सीटें खाली हैं. ऐसे में किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 103 विधायकों का समर्थन जरूरी है. हालांकि बीजेपी के पास 106 विधायकों का समर्थन है, जो सरकार बनाने के लिए काफी है. बात करें खाली 25 सीटों तो जल्द ही इन सीटों पर भी उपचुनाव होने  वाले हैं.ऐसे में सरकार बनाने के लिए इन सीटों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी. क्योंकि इससे भी किसी भी पार्टी की जीत-हार पांसा पलट सकता है. इसलिए इन 25 सीटों पर उपचुनाव के बाद बहुमत के लिए 116 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी.

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