फ्रांस में कट्टरता,अलगाववादी विरोधी बिल मंजूर होने पर कानून मंत्री ने कहा करेंगे अध्ययन

ravi shanker

दिल्ली। इस्लामिक कट्टरवाद के खिलाफ फ्रांस ने बड़ा कदम उठाया है। फ्रांस की संसद ने कट्टर और अलगाववादी विरोधी बिल को मंजूरी दे दी है। बिल में मस्जिद-मदरसों पर निगरानी का प्रावधान किया गया है। बिल को मंजूरी मिलने के बाद अब भारत को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्या भारत में भी कट्टरता के खिलाफ ऐसा बिल आएगा? फ्रांस के इस बिल सवाल पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि वो फ्रांस के बिल का अध्ययन करके इस सवाल का जवाब देंगे। ज्ञात हो कि फ्रांस की संसद से मंजूर इस बिल में मस्जिदों और मदरसों पर सरकारी निगरानी बढ़ाने और बहु विवाह और जबरन विवाह पर सख्ती की गयी है। बिल फ्रांस की धर्मनिरपेक्ष परंपराओं को कमजोर करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अनुमति देता है। इस बिल के समर्थन में 347 वोट पड़े जबकि 151 सांसदों ने इसका विरोध किया। गत वर्ष हुई शिक्षक सैम्युएल पैटी की हत्या के बाद से फ्रांस में इस्लामिक कट्टरवाद के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग होने लगी थी। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कई मौकों पर कहा था कि वह जल्द ही इस दिशा में कदम उठाएंगे। संसद के निचले सदन द्वारा पारित बिल को लेकर आने वाले दिनों में देश में उहापोह की स्थिति भी सम्भावित है। अब इस बिल को उच्च सदन यानी सीनेट में पेश होना है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि जेंडर इक्वेलिटी और सेक्युलरिज्म जैसे फ्रांसीसी मूल्यों की रक्षा किया जाना नितांत आवश्यक है। देशहित के लिए सख्त कानून आवश्यक है। फ्रांस में रहने वाले मुस्लिमों का कहना है कि यह कानून न केवल उनकी धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करेगा बल्कि उन्हें इसके जरिए निशाना बनाया जाएगा। चूंकि फ्रांस के पास पहले से आतंकवादी हिंसा से लड़ने के लिए पर्याप्त कानून है इसलिए नया बिल लाने की कोई जरूरत नहीं है।

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इस बिल को लेकर कहा जा रहा है कि इमैनुएल मैक्रों की नजरें फ्रांस में अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव पर हैं। उसी को ध्यान में रखते हुए यह बिल लाया गया है। इस बिल के जरिए रूढ़िवादी और दक्षिणपंथी मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीनेट से भी इस बिल के पास होने की उम्मीद है। ज्ञात हो कि पिछले साल अक्टूबर में स्टूडेंट्स को पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाने पर एक हमलावर ने टीचर सैम्युएल पैटी का सिर काट दिया था। यह घटना राजधानी पेरिस से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर कॉनफ्लैंस सेंट-होनोरिन के एक मिडिल स्कूल के बाहर हुई थी।

बिल में यह भी शामिल है…
1. धर्मनिरपेक्ष ढांचे को बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
2. मस्जिदों की फंडिंग, इमामों की ट्रेनिंग पर होगी नजर
3. कट्टरवाद बढ़ाने वाली मजहबी शिक्षा पर रहेगा नियंत्रण
4. मस्जिदें सिर्फ धार्मिक स्थल होंगी, वहां अब पढ़ाई नहीं
5. पढ़ाई के लिए मुस्लिम बच्चे अब सिर्फ स्कूल ही जाएंगे
6. इंटरनेट पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कड़े नियम
7. धार्मिक आधार पर डराने वालों पर सजा का भी प्रावधान
8. एक से ज्यादा शादी और जबर्दस्ती शादी पर रहेगी रोक
9. महिलाओं के लिए वर्जिनिटी सर्टिफिकेट पर अब होगी रोक
10. कट्टर धार्मिक संगठनों की नियंत्रण करने के कड़े नियम

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