जानें क्यों राम मंदिर निर्माण से खिल रहे कारोबारियों के चेहरे, ये है बड़ी वजह 

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वर्षों के रक्तरंजित, संघर्षपूर्ण इंतजार के बाद आज अयोध्या पूर्णतय राममय होने जा रही है। 76 युद्ध अनेकों राम भक्तों के प्राणों की आहुति के परिणामस्वरूप आज अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। समस्त देश आज भगवान राम की भक्ति में सराबोर है। जैसे-जैसे भूमिपूजन की घड़ी निकट आ रही है, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की उत्सुकता अपने चरम को स्पर्ष करने को आतुर नजर आ रही है। आज वो स्वप्न संपन्न होने जा रहा है, जिसकी प्रतिक्षा पिछले 500 वर्षों से की जा रही थी। राम मंदिर के अतीत में अनेकों तारीखें दर्ज हैं, लेकिन 5 अगस्त की तारीख राम मंदिर के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज की जाएगी। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण से एक ओर जहां देश की धार्मिक व्यवस्था को नया आयाम मिलेगा तो वहीं दूसरी तरफ कारोबार के क्षेत्र को एक नई उर्जा मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि राम मंदिर के निर्माण के पश्चात इसकी निगाहबनी करने की उत्सुकता का जन्म सभी के हदय में होगा, जिसका लाभ आगामी दिनों में देश की अर्थव्यवस्था सहित स्थानीय कारोबार के रूप में देखने को मिलेगा। राम मंदिर निर्माण की दिशा में धार्मिक पर्यटन को एक नई दिशा प्राप्त होगी।

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धार्मिक पर्यटन का अहम योगदान
सरकार के अनुसार धार्मिक पर्यटकों का अर्थव्यवस्था में खासा योगदान रहता है। सरकार के मुताबिक देश के धार्मिक पर्यटकों का कारोबार में 60 फीसद तक का योगदान रहता है। इसलिए सरकार राम मंदिर निर्माण को एक नई दिशा देने के लिए पर्यासरत है, चूंकि यह पूर्वानुमान जताया जा रहा है कि आगामी दिनों में राम मंदिर का असर देश के धार्मिक पर्यटकों पर रहेगा। बुधवार को होने जा रहे राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ भविष्य में हर एक नई योजनाओं को अपग्रेड करने पर भी विचार किया जा रहा है। मसलन, आगामी दिनों में अयोध्या में एक एयरपोर्ट और एक रेलवे स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने 500 करोड़ का बजट प्रदेश के मंदिरों को नई दिशा देने के लिए संग्रहित किया, ताकि प्रदेश के धार्मिक पर्यटकों को एक नया आयाम मिल सके।

कई योजनाओं का भी हुआ उन्नयन
सरकार की इस मंशा के परिमाणस्वरूप धार्मिक पर्यटकों को स्फूर्त करने की दिशा में कई योजनाओं  का भी उन्नयन किया गया। गत वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने वक्तव्य में इस बात का जिक्र किया था कि हर व्यक्ति 2022 तक 15 घरेलू पर्यटन स्थल जाए। वहीं, इससे पहले सरकार ने दो परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। जिसमें स्वदेश दर्शन और प्रसाद (PRASAD)। स्वदेश दर्शन के तहत 15 थीम के तहत पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। इनमें बुद्धिस्ट सर्किट, कृष्णा सर्किट, स्पिचिरचुअल सर्किट, रामायण सर्किट और हेरिटेज सर्किट प्रमुख हैं। पर्यटन के लिहाज से सूफी सर्किट में दिल्ली, आगरा, फतेहपुर सीकरी, बीजापुर, शिरडी, औरंगाबाद आदि शामिल हैं। क्रिश्चियन सर्किट में गोवा, केरल, तमिलनाडु के चर्च शामिल हैं।याद दिला दें कि प्रसाद के तहत धार्मिक स्थलों के सौंदर्यकरण की योजना है। इस योजना के तहत सरकार ने 70 परियोजनाओं मेंं 7 हजार करोड़ रूपए आंवटित किए हैं। स्वदेश दर्शन स्कीम के तहत सरकार ने 6,035.70 करोड़ रुपये की 77 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है. होटल और टूरिज्म सेक्टर में सरकार ने 100 फीसदी एफडीआई की इजाजत दी है।

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