Saturday, January 16, 2021

कैलाश विजयवर्गीय ने किया इशारा, जनवरी 2021 में लागू हो जाएगा CAA कानून

भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि मोदी सरकार द्वारा बांग्लादेश और पाकिस्तान के शरणार्थियों को जनवरी 2021 से नागरिकता देना शुरू करने की संभावना है। विजयवर्गीय ने ‘आर नोय अन्याय’ (कोई और अधिक अन्याय नहीं) अभियान के अवसर पर कहा कि पड़ोसी देशों से हमारे देश में आने वाले शरणार्थियों को नागरिकता देने के ईमानदार इरादे से सीएए पास किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल में बड़ी शरणार्थी आबादी को 2021 के जनवरी से सीएए कानून के तहत नागरिकता देना शुरू करेगी।

इसे भी पढ़ें:- ‘गृह मंत्री अमित शाह पर आती है शर्म’, इस मुद्दे पर राजस्थान CM ने लगाया इल्जाम

संवाददाताओं से बातचीत करने के दौरान विजयवर्गीय ने कहा- हमें उम्मीद है कि सीएए कानून के तहत शरणार्थियों को नागरिकता देने का काम अगले 2021 साल जनवरी से शुरू हो जाएगा। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस प्रकार एलान करना काफी मायने रखती है। ऐसा इस वजहस से भी है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार चल रहा था तब यह एक मुख्य मुद्दा बना हुआ था। कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस नेता और पश्चिम बंगाल मंत्री फिरहाद हकीम ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी राज्य के लोगों को बेवकूफ बनाने का प्रयास कर रही है।

फिरहाद हाकिम ने कहा कि नागरिकता से बीजेपी का आखिर क्या मतलब है? यदि मटुआ हमारे नागरिक नहीं हैं, तो वे साल-दर-साल विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मतदान कैसे करते हैं? उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी को पश्चिम बंगाल के लोगों को मूर्ख बनाने का काम बंद कर देना चाहिए।

मूल रूप से पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) के मटुआ समुदाय के लोग हैं और वे 1950 के दशक में धार्मिक भेदभाव के कारण पश्चिम बंगाल की तरफ पलायन कर गए थे। मतुआ समुदाय की राज्य में इनकी लगभग 30 लाख आबादी है और वे कम से कम वहां की चार लोकसभा सीटों और नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में 30 से 40 विधानसभा क्षेत्रों पर काफी प्रभाव डालते हैं।

इसे भी पढ़ें:- हर मायनों में खास होगा हमारा नया संसद भवन, इस दिन प्रधानमंत्री मोदी करेंगे भूमि पूजन

Stay Connected

1,097,088FansLike
10,000FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles