क्या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस्तीफा देने जा रहे हैं, इस कांग्रेस नेता ने दी सनसनीखेज जानकारी 

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महाराष्ट्र में जारी सियासी उथल-पुथल व आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस के पूर्व सांसद यशवंतराव गडाख ने कांग्रेस-एनसीपी नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा, ‘अगर वे इसी तरह से मंत्री पद व बंगलो के लिए लड़ते रहेंगे तो स्थिति ऐसी बन जाएगी कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस्तीफा देना पड़ जाएगा’। इसके साथ ही उन्होंंने कहा कि शिवसेना ने इस बात को अंत में खुद ही स्वीकार कर लिया कि शिवसेना में आंतरिक खींचतान चल रही है, जिसके परिणामस्वरूप उद्धव ठाकरे अपने पद से इस्तीफा देने के लिए बाध्य हो जाएंगे। ये भी पढ़े :कांग्रेस के बहाने शिवसेना पर बरसी अमृता फडणवीस, कहा-खराब नेता मिलना महाराष्ट्र की गलती नहीं, लेकिन

…तो चलिए यहां पर हम आपको बताते चले कि पूर्व कांग्रेस ने अत: ऐसा वक्तव्य क्यों दिया है? ज्ञात हो कि उनके इस बयान को लेकर हिन्दुस्तान की सियासी गलियारों में चर्चा अपने चरम पर है। इस बयान को लेकर चर्चा अपने परवान पर होने का मुख्य कारण ये भी है कि ये बयान एक ऐसा नेता के द्वारा जारी किया गया है, जो कि कांग्रेस का पूर्व सांसद रह चुका है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में 36 मंत्रियों को शामिल किया गया था, जिसका विस्तार करते हुए बाद में इसकी संख्या 46 कर दी गई, जिसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी शामिल होते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, सभी नेताओं को विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। कांग्रेस कृषि और सहकारिता जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित कोई भी विभाग न मिलने के कारण ख़फ़ा है। मंत्रिमंडल में विभागों और बंगलों के बंटवारे को लेकर मंत्री खुश नहीं हैं।

..तो वहीं कांग्रेस में ऐसे दर्जनभर मंत्री भी हैं, जो कोई विभाग न मिलने पर बताए जा रहे हैं। गत दिनों हुए मंत्रिमंडल विस्तार में शिवसेना के 1 4 मंत्री बनाए गए हैं, जिनमें पूर्व सरकार में मंत्री रहे रामदास कदम, रवींद्र वायकर, शिवसेना नेता दिवाकर रावते, दीपक केसरकर को भी इस बार मौका नहीं मिल पाया है। वहीं, विपक्षी दलों ने एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी मंत्रिमंडल का गठन न किए जाने पर शिवसेना पर निशाना साधा।

गौरतलब है कि गत 30 दिसबंर को सत्तारूढ़ दल शिवसेना ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था, जिसमें गृह मंत्रालय सरीखा अहम पद अनिल देशमुख को मिला था तो वहीं एकनाथ शिंदे को शहरी विकास मंत्रालय का पद मिला था। अब इस बीच पार्टी के नेताओं के बीच विभागों और बंगलों को लेकर मचे बवाल के बीच कांग्रेस के पूर्व सासंद का उक्त बयान है। ये भी पढ़े :कश्मीर को लेकर शिवसेना की राय, धारा 370 और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी घाटी के हालात ठीक नहीं है