IPS विनय तिवारी को क्वारंटाइन किए जाने पर मुंबई पुलिस को फटकार, SC ने तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

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फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह की आकस्मिक मौत को लेकर पूरे देश को गहरा सदमा पहुंचा है, उससे भी ज्यादा सुशांत के परिवार वालों को जिनका सुशांत इकलौता बेटा था। सुशांत की चार बहनों में सुशांत इकलौते भाई थे, लेकिन अब उस घर में खुशियां नहीं मातम छाया हुआ है. सुशांत के पिता केके सिंह अपने बेटे के न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं. वहीं मुंबई में हुई सुशांत की आकस्मिक मौत को लेकर हर कोई हैरान है, हालांकि पुलिस इस पूरे मामले पर तहकीकात कर रही है, लेकिन अभी तक मुंबई पुलिस के हाथ खाली हैं। बताया जा रहा है कि पिता केके सिंह द्वारा पटना में दर्ज की गई FIR को लेकर बिहार पुलिस काफी हद तक इस केस के नजदीक थी लेकिन मुंबई पुलिस बीच में रोड़ा बनती रही। हाल ही में बिहार से मुंबई गए आईपीएस अफसर विनय तिवारी को क्वांरटाइन करने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई पुलिस को जबरदस्त फटकार लगाई है।

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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में आज रिया चक्रवर्ती और बिहार सरकार मामले की सुनवाई हो रही थी, इस दौरान सर्वोच्च अदालत ने कहा कि मुंबई पुलिस का रवैया बिहार पुलिस के साथ ठीक नहीं था। कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने बिहार के अफसर को मुंबई पहुंचते ही क्वारंटाइन किया. ये सही संदेश नहीं देता है। पुलिस ऑफिसर अपनी ड्यूटी पर

गया था. आपकी तमाम कार्रवाई पेशेवर तरीके से होनी चाहिए था. साक्ष्यों को प्रोटेक्ट करें. सुप्रीम कोर्ट ने कड़े लहजे में मुंबई पुलिस को निर्देश देते हुए कहा कि सुशांत सुसाइड मामले में कोई भी साक्ष्य मिटने नहीं चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने तीन दिन में अभी तक किए गए मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस के जांच का रिपोर्ट सबमिट करने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ऋषिकेश राय की सिंगल बेंच में रिया चक्रवर्ती की याचिका को ‌11वें नंबर पर सूचीबद्ध किया गया था. बिहार सरकार की तरफ से वरिष्ठ एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने पक्ष रखा. सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह की

तरफ से वरिष्ठ एडवोकेट विकास सिंह और महाराष्ट्र सरकार की तरफ से वरिष्ठ एडवोकेट आर बसंत ने पक्ष रखा. मालूम हो कि सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने रिया चक्रवर्ती के खिलाफ बिहार की राजधानी पटना के राजीव नगर थाने

में एफआईआर दर्ज करायी था. जिसपर रिया ने सुप्रीम कोर्ट में आग्रह करते हुए कहा कि बिहार की जगह मुंबई केस ट्रांसफर किया जाए। इससे पहले मुंबई पुलिस भी रिया की भाषा बोल रही थी. दरअसल मुंबई पुलिस ने कहा था कि यह हमारे क्षेत्राधिकार का मामला है इसलिए बिहार पुलिस इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। बहरहाल कोर्ट इस मामले में अगले सप्ताह फिर से सुनवाई करेगा।

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