चीन के मार्शल आर्ट से ज्यादा खतरनाक है भारत की माउंटेन फोर्स, LAC पर दुश्मनों को चटा देगी धूल

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भारत-चीन के बीच लद्दाख सीमा विवाद पर बातचीत के सारे रास्ते बंद हो जाने के बाद दोनों देशों ने सेना के संख्या बल में इजाफा कर दिया है. बता दें कि एक ओर जहां चीन ने अपने लड़ाकों मार्शल आर्ट को घाटी में तैनात किया है तो वहीं भारत ने अपने माउंटेन फोर्स के जवानों को खुला छोड़ दिया है. यानि की अब मामला आर या पार का है. चूंकि जिस तरीके से चीन का दोगलापन सामने आता रहता है उस पर अब भारत गंभीरता से कार्यवाई कर रहा है. दरअसल दोनों देशों के बीच हालात अब युद्ध जैसे बनने लगे हैं. बता दें कि बीते दिनों भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे, जबकि चीन के 40 जवानों की मौत की खबर सामने आई थी, जिसकी पुष्टि खुद चाइना ने की थी. हालांकि इस विवाद के बाद से ही भारत ने लद्दाख सीमा पर सेना को खुली छूट का फरमान जारी कर दिया था. जिसके बाद सेना एंटीक मोड में आती दिखी. हाल ही में भारत ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ मीटिंग में चीन को करारा जवाब देने की रणनीति तैयार की है.

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वहीं लद्दाख सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच चीन ने सीमा पर मार्शल मार्ट (Martial Art) ट्रेनर को भेजे हैं. जिससे निपटने के लिए भारत ने अपने माउंटेन कार्प के एकीकृत बैटल ग्रुप (आईबीजी) की तैनाती की है, जिसे आमतौर पर माउंटेन फोर्स (Mountain Force) कहा जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 17वीं माउंटेन कार्प के जवान को चीन से निपटने के लिए खासतौर पर तैयार किया गया है.

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1999 के करगिल युद्ध में माउंटेन फोर्स ने पाकिस्तानी सैनिकों के होश ठिकाने कर दिए थे. माउंटेन फोर्स का निशाना काफी सटीक होता है. इस फोर्स में उत्तराखंड, लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के सैनिकों को जगह दी जाती है. खुद चीन के एक्सपर्ट ने पिछले दिनों कहा था कि इतनी मजबूत माउंटेन फोर्स दुनिया में किसी के पास नहीं है.

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युद्ध की परिस्थिति को देखते हुए भारत ने 3488 किलोमीटर लंबे LAC पर माउंटेन फोर्स को तैनात कर दिया है. ये सेना की वो टुकड़ी है जो पहाड़ की ऊंचाइयों से दुश्मनों पर पैनी नजर रखती है. सीमा पर तैनात की गई माउंटेन फोर्स गुरिल्ला युद्ध में माहिर होते हैं.

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बीबीसी के मुताबिक मार्शल आर्ट के 20 ट्रेनर को तिब्बत भेजा जा रहा है. बता दें कि मार्शल आर्ट युद्ध की एक पुरानी कला है. इन्हें पहाड़ों पर लड़ने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है. मुश्किल हालात में दुश्मनों को कैसे सबक सिखाया जाता है ये इन्हें अच्छी तरह पता है.

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